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बजरंगबली हनुमान के 10 अनूठे मंदिर, यहाँ होती है हर मुराद पूरी

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सोशल संवाद डेस्क : भारत में प्राचीन मंदिरों का खजाना भरा हुआ है और इसी के साथ यहां की धरती को देवभूमि भी कहा जाता है । हिंदू ध्‍र्म में हनुमानजी को जीवंत देवता के रूप में पूजा जाता है और माना जाता है कि जो उनकी श्रृद्धाभाव से पूजा करता है, वह उसे अपनी उपस्थिति का एहसास जरूर कराते हैं । इसी तरह हनुमानजी के इन 15 मंदिरों की भी अनूठी मान्‍यता है और यहां पूरे साल भक्‍तों का जमावड़ा लगा रहता है ।

1.हनुमान मंदिर, इलाहबाद
इलाहबाद किले से सटे हुए इस प्राचीन मंदिर में लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा है ।यह सम्पूर्ण भारत का एकमात्र मंदिर है जिसमें हनुमान जी की लेटी हुई मुद्रा में 20 फीट लम्बी प्रतिमा है । हनुमान जयंती पर यहां पूरे देश से हजारों भक्‍त दर्शन करने के लिए आते हैं ।

2.हनुमान धारा, चित्रकूट
उत्तर प्रदेश के सीतापुर नामक स्थान के समीप यह हनुमान मंदिर स्थित है और सीतापुर से हनुमान धारा की दूरी तीन किलोमीटर है । पहाड़ के सहारे हनुमानजी की एक विशाल मूर्ति के ठीक सिर के पास दो जल के कुंड हैं, जो हमेशा जल से भरे रहते हैं और उनमें से निरंतर पानी बहता रहता है। इस धारा का जल हनुमानजी को स्पर्श करता हुआ बहता है इसीलिए इसे हनुमान धारा कहते हैं।

3.उलटे हनुमानजी मंदिर, इंदौर
भारत की धार्मिक नगरी उज्जैन से केवल 30 किमी दूर स्थित है यह धार्मिक स्‍थल जहां भगवान हनुमान जी की उल्टे रूप में पूजा की जाती है । मंदिर में भगवान हनुमान की उलटे मुख वाली सिंदूर से सजी मूर्ति विराजमान है । यहां आकर भक्त भगवान के अटूट भक्ति में लीन होकर सभी चिंताओं से मुक्त हो जाते हैं ।

4.मेहंदीपुर बालाजी, राजस्थान
राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाडिय़ों के बीच बसा हुआ मेहंदीपुर नामक स्थान है । यह मंदिर जयपुर-बांदीकुई-बस मार्ग पर जयपुर से लगभग 65 किलोमीटर दूर है ।दो पहाड़ि‍याें के बीच की घाटी में स्थित होने के कारण इसे घाटा मेहंदीपुर भी कहते हैं ।यहाँ ज़्यादातर वो भक्त आते है जो भूत प्रेत से पीड़ित होते है।

5.सालासर बालाजी हनुमान मंदिर,  राजस्थान
हनुमानजी का यह मंदिर राजस्थान के चुरू जिले में है । गांव का नाम सालासर है, इसलिए सालासर वाले बालाजी के नाम यह मंदिर प्रसिद्ध है । हनुमानजी की यह प्रतिमा दाड़ी व मूंछ से सुशोभित है ।

6.हनुमानगढ़ी, अयोध्या
धर्म ग्रंथों के अनुसार अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है । यहां का सबसे प्रमुख श्रीहनुमान मंदिर हनुमानगढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है । यह मंदिर राजद्वार के सामने ऊंचे टीले पर स्थित है. इसमें 60 सीढिय़ां चढ़ने के बाद श्रीहनुमानजी का मंदिर आता है ।

7.श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर, सारंगपुर, गुजरात
अहमदाबाद-भावनगर रेलवे लाइन पर स्थित बोटाद जंक्शन से सारंगपुर लगभग 12 मील दूर है । यहां एक प्रसिद्ध मारुति प्रतिमा है । महायोगिराज गोपालानंद स्वामी ने इस शिला मूर्ति की प्रतिष्ठा विक्रम संवत् 1905 आश्विन कृष्ण पंचमी के दिन की थी । कहते है कि प्रतिष्ठा के समय मूर्ति में श्रीहनुमानजी का आवेश हुआ और यह हिलने लगी । तभी से इस मंदिर को कष्टभंजन हनुमान मंदिर कहा जाता है ।

8.यंत्रोद्धारक हनुमान मंदिर,  कर्नाटक
बेल्लारी जिले के हंपी के मंदिर में प्रतिष्ठित हनुमानजी को यंत्रोद्धारक हनुमान कहा जाता है । विद्वानों के मतानुसार यही क्षेत्र प्राचीन किष्किंधा नगरी है । इस मंदिर में श्रीराम नवमी के दिन से लेकर तीन दिन तक विशाल उत्सव मनाया जाता है ।

9.प्राचीन हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली
यहां महाभारत कालीन श्री हनुमान जी का एक प्राचीन मंदिर है । यहां पर उपस्थित हनुमान जी स्वयम्भू हैं । यह मंदिर आस्था का महान केंद्र है । दिल्ली का ऐतिहासिक नाम इंद्रप्रस्थ शहर है, जो यमुना नदी के तट पर पांडवों द्वारा महाभारत-काल में बसाया गया था ।

10.महावीर हनुमान मंदिर, बिहार
पटना जंक्शन के ठीक सामने महावीर मंदिर के नाम से श्री हनुमान जी का मंदिर है । उत्तर भारत में मां वैष्णो देवी मंदिर के बाद यहां ही सबसे ज्यादा चढ़ावा आता है । इस मंदिर के अन्तर्गत महावीर कैंसर संस्थान, महावीर वात्सल्य हॉस्पिटल, महावीर आरोग्य हॉस्पिटल तथा अन्य बहुत से अनाथालय एवं अस्पताल चल रहे हैं । यहां श्री हनुमान जी संकटमोचन रूप में विराजमान हैं ।

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