सोशल संवाद / रांची : राज्यभर में 100 सीएचसी का उन्नयन कर सुविधा संपन्न बनाया जाएगा। इसमें राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र से कम से कम एक सीएचसी को शामिल किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने इसके लिए सीएचसी का चयन कर संसाधन, आवश्यक मानव चिकित्सक, पाराकर्मी तथा अन्य पदों की आवश्यकता का आकलन करने का निर्देश दिया गया।
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साथ ही कहा कि 100 सीएचसी के अपग्रेडेशन में लगभग 600 चिकित्सकों की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने इसके लिए सिविल सर्जनों को चिकित्सकों की उपलब्धता और नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई की योजना बनाने का निर्देश दिया है। आवश्यकतानुसार नए पदों का सृजन किया जाए और अनुपयोगी अथवा पुराने पदों को सरेंडर करते हुए उनका उपयोग नए पदों के सृजन में किया जाए। सभी सिविल सर्जनों को अनुपयोगी पदों को प्रत्यर्पित करते हुए आवश्यक नए पदों के सृजन का प्रस्ताव 10 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, सीमा कुमारी उदयपुरी सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी तथा सभी जिलों के सिविल सर्जन उपस्थित थे।
अस्पतालों में पदों की पुनर्संरचना की तैयारी
अपर मुख्य सचिव शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंगके माध्यम से सभी जिलों के सिविल सर्जन के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर नए अस्पताल भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, वहां बैठक के दौरान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने तथा सभी जिलों में 24 घंटे सातों दिन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर अस्पतालों में पदों के पुनर्सरचना को लेकर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव ने 30 और 50 बेड के प्रस्तावित एमसीएच केंद्रों के साथ-साथ 100 बेड वाले जिला अस्पतालों के लिए भी चिकित्सकों एवं पाराकर्मियों के पदों की रिस्ट्रक्चरिंग करने का निर्देश दिया। साथ ही तोपचांची, बरही, निरसा, हंसडीहा, बुंडू और चैनपुर स्वास्थ्य केंद्रों को ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया।
जिला अस्पतालों पर घटेगा मरीजों का दबाव
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सीएचसी को अपग्रेड कर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद जिला अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर ही बडी संख्या में मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। रांची जिले में बुंडू, नामकुम, सिल्ली, रातू, कांके और मांडर आदि सीएचसी को अपग्रेड करने को लेकर चर्चा हुई।











