सोशल संवाद/डेस्क: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव डूबने से 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। मृतकों में अधिकांश बच्चे बताए जा रहे हैं। सुबह होते ही जब शव परिजनों के घर पहुंचे, तो परिवारों में चीख-पुकार मच गई। एक घर के दरवाजे पर आठ और दूसरे परिवार के घर के सामने पांच बच्चों के शव पहुंचने से माहौल गमगीन हो गया।
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श्राद्धकर्म का भोज खाने जा रहे थे लोग
मिली जानकारी के अनुसार, नाव पर सवार होकर लोग नदी के रास्ते श्राद्धकर्म का भोज खाने जा रहे थे। इसी दौरान नाव गंगा नदी में डूब गई और लोग हादसे का शिकार हो गए। घटना के बाद रातभर मौके पर लोगों की भीड़ जुटी रही।
बिना पोस्टमार्टम के शव घर ले गए परिजन
बताया गया कि परिजन मृतकों के शव बिना पोस्टमार्टम कराए अपने-अपने घर ले गए। सुबह होते ही परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। मृतकों के घरों के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। वहीं, हादसे वाली जगह पर अब सन्नाटा पसरा हुआ है।
पूर्व विधायक पहुंचे, सर्च ऑपरेशन समाप्त
घटना की जानकारी मिलने के बाद राघोपुर के पूर्व विधायक सतीश यादव भी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, नदी में चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया है।
मृतक परिवारों को मुआवजे का ऐलान
हादसे के बाद बिहार सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन-तीन हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से दो-दो लाख रुपये की सहायता की घोषणा किए जाने की जानकारी दी गई है।
बताया गया कि बिहार सरकार की ओर से रात में ही पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये के चेक सौंप दिए गए। सुबह होते ही परिजन मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए।
गांव में शोक का माहौल
एक साथ 13 लोगों की मौत से राघोपुर इलाके में शोक की लहर है। जिन घरों में बच्चों के शव पहुंचे, वहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
नोट: मुआवजे की राशि, पोस्टमार्टम की स्थिति और मृतकों की संख्या से संबंधित विवरणों की आधिकारिक पुष्टि प्रकाशित करने से पहले कर लें।











