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गांजिया डैम के 15 और चांडिल डैम के 13 गेट खोले गए

By Tamishree Mukherjee

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गांजिया डैम के 15 और चांडिल डैम के 13 गेट खोले गए
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सोशल संवाद / जमशेदपुर :  नदी में पानी के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए बुधवार को गम्हरिया स्थित गांजिया बैराज के 15 और चांडिल डैम के 13 फाटक खोले गए। खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.76 मीटर ऊपर है।

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पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार को चांडिल डैम का जलस्तर बढ़कर 180.25 मीटर पर पहुंच गया। डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद ईचागढ़ के आधा दर्जन विस्थापित गांव के दहलीज पर डैम का पानी पहुंच गया है, जिससे विस्थापित चिंतित हैं। डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद डैम के खुले हुए सभी 13 फाटक के दायरा को और बढ़ा दिया गया। डैम से 1700 क्यूमेक तथा इमरजेंसी स्लुईस गेट से 118 क्यूमेक समेत कुल 1822 क्यूमेक पानी स्वर्णरेखा नदी में छोड़ा गया। मंगलवार को डैम का जलस्तर 180.21 मीटर पर था। इधर, डैम का फाटक का दायरा बढ़ाने के बाद स्वर्णरेखा नदी पूरे उफान पर आ गई तथा स्वर्णरेखा नदी के जलस्तर

बढ़ने के बाद इस वर्ष पहली बार डैम पुल पर स्वर्णरेखा नदी का पानी पहुंचने लगा। इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से पुल के दोनों छोर पर होमगार्ड के जवान को तैनात कर दिया गया।

होमगार्ड के मनाही करने के बाद भी लोग डैम पुल पर सेल्फी लेने से बाज नहीं आ रहे थे। इधर, स्वर्णरेखा नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया। डैम का लगातार बढ़ रहे जलस्तर को लेकर विधायक सविता महतो जलसंसाधन विभाग के पदाधिकारी के दूरभाष पर संपर्क किया। डैम की सुरक्षा और जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सभी 13 रेडियल गेट खोले गए हैं। इनमें नौ गेट को दो-दो मीटर तथा चार गेट को एक-एक मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। प्रशासन ने स्वर्णरखा नदी के तटीय क्षेत्रों और डूब क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

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