सोशल संवाद/डेस्क : मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बिहार की महिलाओं को दी गयी 10 हजार की सीधी आर्थिक सहायता ने माइक्रोफाइनेंस सेक्टर पर बड़ा असर डाला है. इस सेक्टर में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की गिरावट आ गयी है. बिहार में एक करोड़ 81 लाख महिलाओं को दस-दस हजार रुपये दिये गये हैं. इसके तहत महिलाओं के बैंक खाते में कुल 18100 करोड़ रुपये डाले गये.
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माइक्रोफाइनेंस का बड़ा हिस्सा 10 से 30 हजार रुपये तक ऋण का है. रोजगार के लिए माइक्रोफाइनेंस से ऋण लेने वाली महिलाओं की निर्भरता इस सेक्टर पर कम हुई है. माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की गिरावट आ गयी है.
माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में 15 हजार करोड़ की गिरावट : स्मॉल इंडस्ट्रीज
डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया की मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में 20 से 23 फीसदी तक की गिरावट आयी है. इस रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में माइक्रोफाइनेंस सेक्टर 57 हजार करोड़ से घटकर 42-45 हजार करोड़ के आसपास आ गया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दी गयी 18 हजार करोड़ से अधिक की नकद सहायता ग्रामीण अर्थव्यवस्था में “सब्स्टीट्यूट राशि” की तरह काम कर रही है.
दूसरी किस्त की राशि मिलने पर और पड़ेगा असर
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को रोजगार करने के लिए कुल दो लाख 10 हजार रुपये की राशि दी जानी है. पहली किस्त के रूप में दस-दस हजार रुपये दिये गये हैं. अब दूसरी किस्त की राशि महिलाओं को देने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. दूसरी किस्त में 20 हजार, तीसरी में 40 हजार, चौथी में 80 हजार और पांचवीं किस्त में महिलाओं को 60 हजार रुपये देना निर्धारित किया गया है. इस राशि के महिलाओं को मिलते ही रोजगार के लिए माइक्रोफाइनेंस पर निर्भरता और घटेगी.









