सोशल संवाद/जमशेदपुर: झारखंड की लौहनगरी की Cctv सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत व आधुनिक बनाने की दिशा में पुलिस-प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में अपराध पर नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ के लिए 150 से अधिक नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना बनाई गई है।
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इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए पुलिस-प्रशासन ने टाटा स्टील सहित शहर की प्रमुख निजी औद्योगिक कंपनियों से सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत सहयोग की अपील की है, जिस पर कई कंपनियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। वर्तमान में जमशेदपुर के विभिन्न हिस्सों में 216 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जो लगभग आठ किलोमीटर के दायरे में निगरानी करते हैं। नए कैमरों के स्थापित होने के बाद यह दायरा बढ़कर करीब 12 किलोमीटर हो जाएगा। इससे शहर के अधिकतम हिस्से पुलिस की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के दायरे में आ जाएंगे। इससे अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी।
रात के अंधेरे में भी नहीं बचेंगे अपराधी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लगाए जाने वाले सभी नए कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगे। ये हाई-रेजोल्यूशन और नाइट विजन फीचर वाले कैमरे होंगे। जिनसे रात के अंधेरे, कोहरे या कम रोशनी में भी स्पष्ट तस्वीरें प्राप्त की जा सकेंगी। इससे अपराध के बाद भागने वाले वाहनों के नंबर प्लेट और संदिग्धों के चेहरे पहचानने में काफी सहूलियत मिलेगी।
कंट्रोल रूम से होगी पल-पल की निगरानी
इन सभी कैमरों को साकची स्थित कंपोजिट कंट्रोल रूम (सीसीआर) से जोड़ा जाएगा, जहां से पुलिसकर्मी बड़ी स्क्रीन पर पूरे शहर की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। किसी भी संदिग्ध हरकत की पहचान होते ही नजदीकी पीसीआर वैन और संबंधित थाना को तुरंत सूचना दी जाएगी, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
इसके साथ ही पुलिस शहर के मॉल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों में लगे निजी सीसीटीवी कैमरों को भी सुरक्षा नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए व्यापारियों और संस्थान प्रमुखों से समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
इन ‘एस्केप रूट्स’ पर रहेगा खास नजर
योजना के तहत नए कैमरे उन मार्गों और इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर लगाए जाएंगे, जिन्हें अपराधी वारदात के बाद भागने के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। इनमें सोनारी मरीन ड्राइव, डोबो पुल, परसुडीह से करनडीह का क्षेत्र और गोविंदपुर मुख्य सड़क प्रमुख हैं। इन इलाकों में निगरानी बढ़ने से अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं रहेगा। शहरवासी खुद को सुुरक्षित महसूस कर सकेंगे।










