सोशल संवाद / जमशेदपुर : जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं। इसके तहत जिले में 300 मजिस्ट्रेट और 2140 जवान तैनात किये गये हैं। गुरुवार से इन सभी की ड्यूटी शुरू हो गई है, जो 22 अक्तूबर की सुबह तक रहेगी। इनकी प्रतिनियुक्ति से संबंधित संयुक्त आदेश उपायुक्त राजीव रंजन और सीनियर एसपी एहतेशाम वकारिब ने जारी कर दिये हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से पूर्वी सिंहभूम जिला को कुल 13 सुपर जोन – और जमशेदपुर शहर को चार जोन में – विभाजित किया गया है। सभी सुपर जोन में एक-एक वरिष्ठ अधिकारी सुपर जोनल जबकि चारों जोन में कुल 39 अधिकारी दंडाधिकारी के रूप में तैनात किये गये हैं।
जहां तक सुरक्षा बलों की बात है, इनमें 165 सशस्त्र हवलदार व 461 सशस्त्र जवान, 1184 लाठीधारी जवान और 145 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। इनके साथ एएसआई, सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, डीएसपी लगाये गये हैं सो अलग। इन सभी की संख्या करीब 1140 है। दूसरे जिलों से भी पुलिस के जवान जमशेदपुर आएंगे। रैफ की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। दोनों अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के विधि व्यवस्था के वरीय प्रभार में रहेंगे। साकची थाना में जिला नियंत्रण कक्ष के अलावा जमशेदपुर शहर में तीन सहायक कंट्रोल रूप बनाये गये हैं। इनमें से एक मानगो चौक, दूसरा स्टेशन गोलचक्कर और तीसरा गोलमुरी थाने में बनाये गये हैं। इन सभी के अलग-अलग मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी प्रभारी बनाये गये हैं। 21 अक्तूबर को विसर्जन के दिन सभी शराब दुकानें बंद रहेंगीं। उपायुक्त ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिये हैं।
दुर्गापूजा में ड्रोन- सीसीटीवी से हो निगरानी : आयुक्त
जमशेदपुर। दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था में किसी तरह की चूक नहीं हो, इसके लिए पूजा पंडालों से लेकर विसर्जन घाटों तक विशेष निगरानी रखी जाए। संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात हों। वहीं, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी करने के साथ सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ संदेश फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाए। कोल्हान के प्रमंडलीय आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम ने गुरुवार को समाहरणालय में दुर्गापूजा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए। आयुक्त ने पूजा समितियों को प्रवेश और निकास मार्ग सुगम रखने तथा आपातकालीन निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। पंडालों में बिजली के तारों, अस्थायी कनेक्शन, जनरेटर और अग्निशमन उपकरणों की जांच कराने को कहा।











