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एक ही नाम से बनीं 6 फिल्में – फिर भी हर बार छाई ‘Raaz’ सीरीज़, डर और रोमांस का अनोखा मेल बनी

By Muskan Thakur

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एक ही नाम से बनीं 6 फिल्में – फिर भी हर बार छाई
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सोशल संवाद/डेस्क : बॉलीवुड में हर साल सैकड़ों फिल्में बनती हैं, लेकिन कुछ टाइटल ऐसे होते हैं जो दर्शकों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ जाते हैं। इन्हीं में से एक नाम है ‘Raaz’ — एक ऐसा टाइटल जिसने पिछले पाँच दशकों से हिंदी सिनेमा में अपना अलग मुकाम बनाया है। 1967 से लेकर 2016 तक, इस नाम से कुल छह फिल्में बन चुकी हैं, और हर बार दर्शकों ने इसे खुले दिल से अपनाया। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से तीन फिल्मों में इमरान हाशमी लीड रोल में नजर आए, और हर बार ‘राज’ नाम ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया।

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‘Raaz’ नाम क्यों रहा लकी?

हॉरर, मिस्ट्री और रोमांस का संगम इस फ्रेंचाइज़ी की सबसे बड़ी ताकत रहा है। जब भी ‘Raaz’ नाम के साथ कोई फिल्म आई, दर्शकों ने इसे रहस्य और डर के मिश्रण के रूप में स्वीकारा। यह नाम बॉलीवुड के लिए न सिर्फ एक ब्रांड बन गया, बल्कि इसने हॉरर फिल्मों की परंपरा को भी नई पहचान दी।

1967 की पहली ‘Raaz’ – राजेश खन्ना की शुरुआती हिट

इस सीरीज़ की शुरुआत 1967 में हुई, जब राजेश खन्ना और बबिता की फिल्म ‘राज’ रिलीज़ हुई थी। रवींद्र दवे के निर्देशन में बनी यह फिल्म उस दौर की छोटी लेकिन प्रभावशाली फिल्मों में गिनी जाती है। बजट सीमित था, लेकिन कहानी ने दर्शकों को बांधे रखा। उस समय लगभग 1 करोड़ रुपये की कमाई किसी भी फिल्म के लिए बड़ी बात थी, और ‘राज’ ने यह कर दिखाया। इसने साबित किया कि दमदार कहानी और सच्ची अदाकारी किसी भी बड़े स्टारकास्ट पर भारी पड़ सकती है।

1981 की ‘Raaz’ – नाम भी राज, हीरो भी राज!

दूसरी बार 1981 में यह नाम फिर चर्चा में आया। इस बार राज बब्बर और सुलक्षणा पंडित ने मुख्य भूमिका निभाई। दिलचस्प बात यह थी कि फिल्म का टाइटल और हीरो – दोनों ‘Raaz’ थे! हरमेश मल्होत्रा के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने भी दर्शकों को प्रभावित किया। रोमांस और मिस्ट्री का यह मेल उस दौर की फिल्मों से थोड़ा अलग था। नतीजा – दर्शकों ने इसे बॉक्स ऑफिस पर सराहा, और ‘राज’ नाम फिर सफल साबित हुआ।

2002 की ‘Raaz’ – हॉरर जॉनर में नया मोड़

तीसरी बार ‘Raaz’ का जादू चला 2002 में, जब विक्रम भट्ट ने इसे एक नए रूप में पेश किया। बिपाशा बसु और डिनो मोरिया की जोड़ी ने पर्दे पर ऐसा रोमांच रचा, जिसने बॉलीवुड में हॉरर जॉनर को फिर से जिंदा कर दिया। करीब 5 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 30 करोड़ से ज्यादा की कमाई की। डर, रहस्य और इमोशन का ऐसा संतुलन पहले कम ही फिल्मों में देखा गया था। यही फिल्म थी जिसने बिपाशा बसु को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया।

‘Raaz– द मिस्ट्री कंटिन्यूज’ (2009) – हॉरर और म्यूजिक दोनों हिट

2009 में ‘Raaz’ का दूसरा अध्याय आया – ‘Raaz: द मिस्ट्री कंटिन्यूज’। इस बार निर्देशन की कमान मोहित सूरी ने संभाली। फिल्म में इमरान हाशमी, कंगना रनौत और अध्यन सुमन मुख्य भूमिकाओं में थे। यह फिल्म न सिर्फ डराने में कामयाब रही बल्कि इसके गाने भी सुपरहिट साबित हुए। “माही” और “सोनियो” जैसे गानों ने युवाओं के बीच इसे हिट बना दिया। करीब 15 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म ने 38 करोड़ की शानदार कमाई की।

‘Raaz 3’ (2012) – बिपाशा और इमरान की जोड़ी फिर हिट

2012 में विक्रम भट्ट ने एक बार फिर ‘राज’ की जादुई दुनिया में दर्शकों को खींचा। ‘Raaz 3’ में बिपाशा बसु, इमरान हाशमी, और ईशा गुप्ता मुख्य किरदारों में नजर आए। इस फिल्म में ग्लैमर, इमोशन और सुपरनैचुरल एलिमेंट्स का अनोखा मेल था। 28 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म लगभग 70 करोड़ रुपये तक की कमाई करने में सफल रही। इससे यह साफ हो गया कि ‘राज’ नाम अब एक भरोसेमंद फ्रेंचाइज़ी बन चुका है।

‘Raaz – रिबूट’ (2016) – डर कम, रोमांस ज्यादा

‘Raaz’ सीरीज़ की छठी फिल्म ‘राज: रिबूट’ 2016 में रिलीज़ हुई। इस बार भी निर्देशन विक्रम भट्ट ने किया और इमरान हाशमी, कृति खरबंदा, और गौरव अरोड़ा लीड रोल में थे। हालांकि कहानी पहले की तरह असरदार नहीं रही, फिर भी फिल्म ने 31 करोड़ के बजट में लगभग 41 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। दर्शकों ने गानों और विजुअल्स की तारीफ की, लेकिन ‘डर’ का वही असर नहीं दिखा जो पिछली फिल्मों में था।

‘Raaz’ सीरीज़ की खासियत – हर बार कुछ नया

‘Raaz’ सीरीज़ की सफलता का सबसे बड़ा कारण इसका निरंतर बदलाव रहा। हर फिल्म में कहानी नई थी, किरदार अलग थे, लेकिन एक बात समान रही – रहस्य और रोमांच का अहसास। यही वजह है कि यह नाम आज भी दर्शकों के बीच रोमांच जगाता है।

विक्रम भट्ट और इमरान हाशमी की जोड़ी ने इस फ्रेंचाइज़ी को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया। जहां पहली ‘Raaz’ ने डर का नया दौर शुरू किया, वहीं ‘Raaz 3’ ने साबित किया कि बॉलीवुड में हॉरर फिल्में भी ब्लॉकबस्टर बन सकती हैं।

57 सालों में ‘Raaz’ नाम की छह फिल्मों ने हिंदी सिनेमा में एक अनोखी मिसाल कायम की है। यह सिर्फ एक टाइटल नहीं, बल्कि दर्शकों के लिए सस्पेंस और हॉरर का भरोसा बन गया है। हर दशक में इस नाम ने अपने अंदाज़ से बॉक्स ऑफिस पर राज किया है — और शायद भविष्य में भी कोई नया ‘Raaz’ फिर पर्दे पर लौट आए, एक नए रहस्य के साथ।

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