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बच्चों को बिना डांटे इस तरीके से सिखाएं अनुशासन

By admin

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सोशल संवाद/डेस्क : ज्यादातर माता पिता बच्चों को डिस्प्लीन और मैनर सिखाने के मामले में बहुत सख्त होते हैं. वो प्यार से समझाने के बजाए डांट फटकार लगाते हैं. आज हम आपको यहां पर कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिससे आप अपने लाडले और लाडली को बिना डांट लगाए भी तौर तरीका सिखा सकते हैं जिसकी तारीफ आस पड़ोस से लेकर नाते रिश्तेदार (child care tips) भी करेंगे तो चलिए जानते हैं बेस्ट तरीका 1 से 3 साल के बच्चे को डिस्प्लीन सिखाने का.

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बच्चों को अच्छी आदत सिखाने का तरीका होता है कि वो जब भी अच्छा व्यवहार करें तो उनकी तारीफ करना ना भूलें. इससे वह और अच्छा करने के लिए प्रेरित होंगे. इसके अलावा आप अपने बच्चे को छोटे काम दीजिए उनकी उम्र के हिसाब से. इससे उनके अंदर जिम्मेदारी का भी भाव आएगा.

वहीं, अगर आपका बच्चा कुछ गलत करता है तो उसे इग्नोर बिल्कुल ना करें. उसे तुरंत टोकें और उसे एहसास दिलाएं की उनका ऐसा करना उनके लिए कितना खराब हो सकता है. बच्चे के रोने और चिल्लाने को नजरअंदाज बिल्कुल ना करें.

अगर आपका बच्चा मन मुताबिक नंबर नहीं ला पाता है पढ़ाई में तो उसकी तुलना दूसरे बच्चे से ना करिए. क्योंकि सभी की सोचने समझने की क्षमताएं और रूचियां अलग होती है. तुलना करने से उनका आत्मविश्वास कमजोर होता है. शायद अगली बार से उनका रिजल्ट और खराब आए आपके तुलनात्मक व्यवहार के कारण. बच्चे में फेलियर की भावना को एक्सेप्ट करना सिखाएं.

कुछ पेरेंट्स छोटी-छोटी गलतियों पर उन्हें डांटने फटकारने या फिर पिटाई करने लग जाते हैं जिसके कारण बच्चा जिद्दी हो जाता है या फिर दब्बू होने बनता है मार की डर से. तो आपको यह करने से खुद को रोकना है. अगर वो गलती करता है तो उसे समझाएं बुझाएं, इससे भावनात्मक लगाव बढ़ेगा.

बच्चों को पैसे का महत्व समझाएं बात-बात पर उसे पैसे देना ना शुरू कर दीजिए. इससे उसे वैल्यू समझ नहीं आएगी. उसे जरूरत पड़ने पर ही पैसे दीजिए. इससे उसे इसका महत्व समझ आएगा

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