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मोदी जी ईडी को भ्रष्टाचार खत्म करने का साधन बताते हैं, पर वो एक्सटार्शन डिपार्टमेंट बन गई है- संजय सिंह

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सोशल संवाद/दिल्ली(रिपोर्ट-सिद्धार्थ प्रकाश ) : पीएम नरेंद्र मोदी जिस ईडी को भ्रष्टाचार खत्म करने का साधन कहते हैं, वो एक्सटार्शन डिपार्टमेंट बन गई है। ईडी का असिस्टेंट डायरेक्टर सात लोगों के साथ तथाकथित शराब घोटाला मामले में एक आरोपी को बचाने के लिए उसके पिता से पांच करोड़ रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। इस मामले से जुड़े सीए के पास से 2.14 करोड़ कैश के साथ ही 1.90 करोड़ रुपए की ज्वैलरी भी बरामद हुई है। मंगलवार को ‘‘आप’’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि तथाकथित शराब घोटाला पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं, फिर भी पिछले एक साल से इसकी जांच चल रही है। दरअसल, पीएम मोदी ने गैर भाजपा शासित राज्यों में विधायकों को तोड़ने और घोटाले में घोटाला करने के लिए ही ईडी डिपार्टमेंट बनाया है। उन्होंने मांग की कि इसमें किन-किन अधिकारियों का हिस्सा है, इसकी जांच की जाए। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले का संज्ञान लेने और ईडी डिपार्टमेंट को बंद करने की अपील की है।

राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ईडी के हाथ में हाथ मिलाकर कहते हैं कि ईडी के जरिए हम भ्रष्टाचार खत्म करेंगे। पीएम मोदी की सबसे प्रिय संस्था ईडी अब एक्सटार्शन डिपार्टमेंट बन गई है। अब ईडी, ईडी नहीं रही। अब ईडी धन उगाही का डिपार्टमेंट बन गई है। अब यह बात खुद ईडी ही कह रही है। ईडी का असिस्टेंट डायरेक्टर सात लोगों के साथ पांच करोड़ रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। यह रिश्वत तथाकथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में आरोपी अमन ढल को बचाने के नाम पर उसके पिता से ली गई है। पिछले एक साल से ईडी यही कर रही है।

राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने ईडी के काम करने का तरीका बताते हुए कहा कि ईडी वाले किसी को पकड़कर जेल में डालेंगे, वहां मारपीट करेंगे, कान का पर्दा फाड़ेंगे, किसी भी नेता के खिलाफ फर्जी बयान लेंगे और उसको मीडिया में लीक करेंगे। इसके बाद उस नेता को पकड़कर जेल में डालेंगे। पिछले एक साल से ईडी का यही सिलसिला चल रहा है। हर जगह ईडी से पूछा जा रहा है कि कहां पैसा पकड़ा गया, लेकिन ईडी कुछ नहीं बता पा रही है। मनीष सिसोदिया के गांव में छापेमारी की, बैंक लॉकर चेक किया, घर पर छापेमारी की, लेकिन कहीं कुछ नहीं निकला। फिर भी आरोप लगाए जा रहे हैं। ईडी वाले किसी को पकड़कर जेल में डालते हैं। फिर उनसे कहते हैं कि इस आदमी के खिलाफ बयान देना है, फिर तुम्हारी जमानत करा देंगे। इसके बाद उससे पैसा लेकर उसकी जमानत कराकर बाहर लाते हैं और उससे मनमर्जी बयान लिखवाते हैं।

राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि तथाकथित शराब घोटाले की जांच को कूड़ेदान में डाल देना चाहिए। धन उगाही का काम कर रहे ईडी के सभी अधिकारियों को पकड़कर जेल में डालना चाहिए। यह बहुत ही शर्म की बात है कि मोदी जी ने ऐसी संस्था बना दी है, जो पूरे देश में विधायकों को तोड़ने-खरीदने, उगाही करने, भ्रष्टाचार करने का काम कर रही है। सर्वोच्च न्यायलय इस घटना का संज्ञान ले। जो भ्रष्टाचारी मोदी वाशिंग पाउडर से धुल गया, उस पर कार्रवाई नहीं होगी। हिमंता विश्व शरमा, सुभेंदु अधिकारी, मुकुल राय, अजीत पवार, छगन भुजबल, हसन मुसरिफ, येदुरप्पा, रेड्डी ब्रदर्स पर कार्रवाई नहीं होगी। पूरे देश को दिख रहा है कि ईडी सिर्फ गुंडादर्गी और धन उगाही करने के लिए ही बनी है। क्या धन उगाही करने के लिए लोगों के टैक्स के पैसे से इनको तनख्वाह दी जाती है।

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