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देश के प्रसिद्ध 10 गणेश मंदिर, हर मनोकामना होती है पूरी

By admin

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सोशल संवाद / डेस्क :  भगवान गणेश को मनोकामना पूर्ण करने वाला देवता माना जाता है। सभी देवों में वे प्रथम पूजनीय हैं।अपने भक्तों के संकट हरने में गणपति जी देर नहीं लगाते यही वजह है कि उनका एक नाम विघ्नहर्ता भी है. देश-विदेश में भगवान गणेश के कई मंदिर है ।उन्ही में से 10 विशेष मंदिरों के बारे में आपको बताते है।

1.सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई
महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित सिद्धिविनायक मंदिर सबसे बड़े गणेश मंदिरों में से एक है। सिद्धिविनायक मंदिर दुनियाभर में प्रसिद्ध है। मुंबई प्रभादेवी में काका साहेब गाडगिल मार्ग और एस.के. बोले मार्ग के कोने पर वह मंदिर स्थित है। गणपति के इस प्राचीन मंदिर का निर्माण 1801 में हुआ था। मान्यता है कि इस मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से दर्शन के लिए पहुंचता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मंदिर की सिद्ध‍ि और प्रसिद्ध‍ि इतनी है कि अक्सर इस मंदिर में सेलिब्रिटी और नेता  भी पहुंचते हैं।

2. खजराना गणेश मंदिर, इंदौर

मध्य प्रदेश के इंदौर में खजराना गणेश मंदिर स्थित है। देश के सबसे धनी गणेश मंदिरों में खजराना के मंदिर का नाम शामिल है। वक्रतुंड श्रीगणेश की 3 फुट प्रतिमा चांदी का मुकुट धरे रिद्धी-सिद्धी के साथ विराजमान हैं जिनका नित्य पूजन विधि-विधान से होता है। गणेशजी की यह मूर्ति भी मंदिर के सामने बावड़ी से निकाली गई थी। मान्यता है कि यहां भक्त की हर मुराद पूरी होती है। मन्नत पूरी होने के बाद भक्त यहां आकर गणेश जी की प्रतिमा की पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं और भोग लगाकर भगवान का आभार व्यक्त करते हैं। इस मंदिर में गणेश जी की 3 फीट ऊंची प्रतिमा है जिसे बावड़ी से निकाली गया है।

3.रणथंभौर गणेश मंदिर, राजस्थान

राजस्थान के रणथंभौर में बना यह गणेश मंदिर भारत में ही नहीं, दुनिया में पहला गणेश मंदिर माना जाता है। इस मंदिर में गणेश जी की त्रिनेत्री प्रतिमा विद्यमान है। यह प्रतिमा स्वयं भू है। 1000 साल से भी ज्यादा पुराना यह मंदिर रणथंभौर किले में सबसे ऊंचाई पर बना है। खास बात यह है कि राजस्थान का यह गणेश मंदिर पहला है, जहां गणपति जी का पूरा परिवार उनके साथ है। गणेश जी की पत्नी रिद्धि और सिद्धि और दो पुत्र शुभ-लाभ भी इस मंदिर में मौजूद है। हर साल गणेश चतुर्थी के दिन इस मंदिर के पास भव्य मेला लगता है.

4. डोडा गणपति मंदिर, बेंगलुरु

दक्षिण भारत के सबसे अद्भुत मंदिरों में गणेश जी का डोडा गणपति मंदिर भी है। डोडा का अर्थ है बड़ा। अपने नाम के अनुरूप बेंगलुरु में स्थित इस मंदिर में गणेश जी की 18 फीट ऊंची और 16 फीट चौड़ी प्रतिमा है। खास बात ये है कि इस प्रतिमा को काले ग्रेनाइट की एक ही चट्टान पर उकेर कर बनाया गया है। मंदिर डोड्डा बसवन्ना गुड़ी में बना है।

5.चिंतामण गणेश मंदिर
यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेशवर की नगरी उज्जैन में स्थित है. यहां गर्भगृह में प्रवेश करते ही गणपति जी की तीन प्रतिमाएं नजर आती हैं। पहली चिंतामण, दूसरी इच्छामन और तीसरी सिद्धिविनायक गणेश। चिंतामण गणेश को परमारकालीन माना जाता है।

6.गणेश टोक मंदिर
यह मंदिर सिक्किम के गंगटोक में स्थित है। हरी-भरी घाटियों और माउंट खंगचेंदज़ोंगा के सुंदर दृश्यों को प्रस्तुत करता हुआ यह मंदिर पर्यटकों और श्रद्धालुओं सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसी वजह से हर साल हजारों की संख्या में लोग सौभाग्य के देवता माने जाने वाले भगवान गणेश की पूजा करने और इसके शांति प्रिय परिवेश में समय व्यतीत करने के लिए आते है।मंदिर परिसर में भगवान गणेश की विशाल और सुंदर प्रतिमा मौजूद है।

7.वरसिद्धि विनयगर मंदिर, चेन्नई

चेन्नई  के बेसेंट नगर में स्थित वरसिद्धि विनयगर मंदिर भारत के प्रसिद्ध गणेश मंदिर में से एक है। भगवान गणेश जी को समर्पित विनयगर मंदिर एक ऐसा मंदिर हैं जिसमें गणेश और उनकी पत्नी सिद्धि जी की मूर्ति स्थापित है। इस प्रसिद्ध मंदिर में एक छोटी मूर्ति भी है जिसकी शुरुआत में पूजा की जाती थी। वैसे तो वरसिद्धि विनयगर मंदिर में हर दिन सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु सिद्धि विनायक के दर्शन के लिए आते है लेकिन यही भीड़ गणेश चतुर्थी के दौरान हजारों में हो जाती है। इस दौरान आप भगवान् गणेश जी के दर्शन के साथ साथ विस्तृत संगीत कार्यक्रम सुन सकते हैं जो पूरे भारत के तीर्थयात्रियों और संगीत प्रेमियों को आकर्षित करता है।

8.बड़ा गणपति मंदिर ,इंदौर

बड़ा गणपति मंदिर मध्य प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में स्थित है जिसे अपना नाम भगवान गणेश की मूर्ति के आकार के कारण मिला है। यहाँ विराजित गणेश की ऊंचाई 25 फीट हैं और यह दुनिया में भगवान की सबसे बड़ी मूर्तियों में से एक है। मूर्ति देश के प्रमुख तीर्थ स्थानों से चूना पत्थर, गुड़, ईंटों और पवित्र मिट्टी और पानी के मिश्रण से बनी है। इंदौर शहर में एक लेन के अंत में स्थित, बड़ा गणपति एक मामूली दिखने वाला मंदिर है, लेकिन यह भगवान की प्रतिमा की विशालता के आधार पर महत्व रखता है।

9. गणपतिपुले मंदिर, रत्नागिरी

गणपतिपुले मंदिर महाराष्ट्र राज्य में रत्नागिरी की एक चोटी पर स्थित है। एक बात जो इस मंदिर को अद्वितीय बनाती है, वह यह है कि गणपतिपुले मंदिर, में गणेश की मूर्ति पूर्व की बजाय पश्चिम की ओर है जिस कारण फरवरी और नवंबर के महीनों में सूरज की रोशनी सीधे गणेश जी की मूर्ति पर पड़ती है। मान्यता है की  एक बार एक स्थानीय गाय ने दूध देना बंद कर दिया और वह अपना दूध उस स्थान पर चढ़ाने लगी, जहां से बाद में भगवान गणेश की एक छवि के साथ एक पत्थर उभरा था। उस दिन से उस स्थान को एक पवित्र स्थान माना जाने लगा और लोगों ने उस स्थान पर गणपतिपुले मंदिर की स्थापना की और बहुत कम जो समय में श्रद्धालुओं के बीच आस्था का केंद्र बन गया।

10. कनिपकम विनायक मंदिर, चित्तूर

यह विनायक मंदिर आंध्र प्रदेश में चित्तूर जिले में कनिपकम में स्थित है। कुलोथुंग चोला ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। बाद में 14वीं सदी के प्रारंभ में विजयनगर साम्राज्य के शासकों ने इस मंदिर का विस्तार कराया। भगवान गणेश की पूजा अर्चना के लिए लाखों की संख्या में भक्त आते हैं। अधिकतर भक्त ब्रह्मोत्सवम फेस्टिवल के दौरान गणेश चतुर्थी को विनायक के दर्शन के लिए आते हैं।

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