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पहाड़ों पर बर्फबारी का झारखंड में असर, पारा गिरा, ठंडी हवा से सर्दी का सितम

By Riya Kumari

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Snowfall in the mountains has an impact on Jharkhand

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सोशल संवाद / डेस्क : हिमालय में बर्फबारी और प्रशांत महासागर के पेरू तट पर बननेवाले ला-नीना का प्रभाव झारखंड में भी दिखने लगा है। नवंबर के दूसरे हफ्ते के शुरुआत में ही राज्य में शीतलहर चलने लगी है। सबसे अधिक ठंड सोमवार को लातेहार में रही, जहां न्यूनतम तापमान घटकर 10.1 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, प्रशांत महासागर के पेरू ला-नीना प्रभाव की वजह से इस बार नवंबर से फरवरी तक झारखंड में भीषण ठंड का प्रकोप रह सकता है।

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पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर पश्चिम की हिमालय श्रृंखला में बर्फबारी होगी। वहां से आने वाली बर्फीली हवा मैदानी भागों से होते हुए झारखंड पहुंचेगी। यही कारण है कि आसमान साफ होने और दिन में खुली धूप के कारण झारखंड में बर्फीली हवा ठंड बढ़ाएगी। झारखंड में आमतौर पर दिसंबर और जनवरी में ही कड़ाके की सर्दी पड़ती है, लेकिन इस बार नवंबर में ही प्रभाव दिखने लगा है।

मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय की ओर से बर्फीली हवा आने से अगले दो दिन कनकनी की स्थिति बनी रहेगी। अगले 24 घंटे के दौरान झारखंड के न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक की गिरावट की संभावना है। इससे शीतलहर की आशंका बनी हुई है। राज्य के कई हिस्सों में सुबह के वक्त कुहासा छाए रहेंगे। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को भी पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा जिलों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है।

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