सोशल संवाद/डेस्क : फिल्म इंडस्ट्री में हर दिन कई नए चेहरे आते-जाते रहते हैं, लेकिन कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो शुरुआत भले ही छोटे स्तर से करें, मगर अपनी मेहनत और अलग पहचान के दम पर दर्शकों के दिलों में जगह बना लेते हैं। ऐसी ही एक नई और उभरती अभिनेत्री हैं Bhagyashree Borse, जिनका नाम इन दिनों साउथ फिल्म इंडस्ट्री में तेज़ी से चमक रहा है।

Bhagyashree की कहानी दिलचस्प इसलिए भी है क्योंकि उनका करियर एक ऐड से शुरू हुआ, जहां उनकी मासूमियत, स्क्रीन प्रेज़ेंस और आत्मविश्वास ने लोगों का ध्यान खींचा। एक विज्ञापन में नज़र आने के बाद वे अचानक सुर्खियों में आ गईं, लेकिन बॉलीवुड की राह उनके लिए आसान नहीं रही। हिंदी फिल्मों में उन्हें कुछ मौके जरूर मिले, मगर वे अधिकतर कैमियो भूमिकाओं तक ही सिमट गईं। किसी बड़ी फिल्म या लीड रोल का अवसर उन्हें लंबे समय तक नहीं मिला।
मगर कहते हैं न जहां एक दरवाज़ा बंद होता है, दूसरे जगह रास्ता खुल जाता है।
Bhagyashree के लिए यह रास्ता दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से खुला। यहां उन्हें सिर्फ पहचान ही नहीं मिली, बल्कि दर्शकों ने उन्हें खुले दिल से स्वीकार किया।
साउथ में मिला असली ब्रेक
दुलकर सलमान की फिल्म ‘कांथा’ में Bhagyashree Borse की एक्टिंग ने उनका करियर पूरी तरह बदल दिया। जहां बॉलीवुड में वे छोटी भूमिकाओं के दायरे में बंधी रहीं, वहीं ‘कांथा’ ने उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया। इस फिल्म में वे भले ही पूरी तरह अनुभवी कलाकारों से घिरी हुई थीं, लेकिन अपनी अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और स्क्रीन पर मौजूदगी के कारण उन्होंने दर्शकों और समीक्षकों दोनों पर असर छोड़ा।
Bhagyashree किरदार की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इसे ओवरड्रामैटिक बनाने के बजाय बेहद नैचुरल और वास्तविक तरीके से निभाया। उनके बॉडी लैंग्वेज, संवाद अदायगी और भावों के साथ खेलने की कला ने साफ जाहिर किया कि उनमें अभी कई अनछुए पहलू छिपे हैं, जिन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स सही तरह से निखार सकते हैं।
बॉलीवुड में संघर्ष लेकिन हार नहीं
Bhagyashree का हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का सफर कठिन रहा। कई ऑडिशन देने के बावजूद उन्हें लीड रोल नहीं मिला। कुछ फिल्मों में छोटे-छोटे कैमियो जरूर मिले, लेकिन वे नाम बनाने के लिए काफी नहीं थे। कई बार उन्हें निराशा भी हाथ लगी।
लेकिन Bhagyashree उन कलाकारों में से हैं जो असफलता को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि सीख मानते हैं। उन्होंने हर मौके पर खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दियावर्कशॉप्स में हिस्सा लिया, नए एक्टिंग फॉर्म सीखे, कैमरे के सामने निखरना सीखा और भाषाओं पर भी काम किया। यही समर्पण उन्हें धीरे-धीरे नई ऊंचाइयों की ओर ले गया।
दक्षिण में सफलता ने बदल दिया खेल
‘कांथा’ की सफलता के बाद Bhagyashree अब साउथ फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम बन चुकी हैं। उन्हें लगातार नए प्रोजेक्ट्स के ऑफर मिल रहे हैं। खास बात यह है कि कई निर्देशक उन्हें सिर्फ आकर्षक चेहरा नहीं, बल्कि एक मजबूत अभिनेत्री के तौर पर देखते हैं।उनकी लोकप्रियता सोशल मीडिया पर भी तेजी से बढ़ी है। फैंस उनकी तस्वीरों, बिहाइंड-द-सीन वीडियो और लाइफस्टाइल पोस्ट पर खूब प्यार बरसाते हैं।
आगे की राह
फिल्मी गलियारों में चर्चा है कि Bhagyashree अब कुछ बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ भी बातचीत कर रही हैं। उनके लिए यह एक अहम समय है, क्योंकि यह तय करेगा कि वे भविष्य में साउथ की उभरती स्टार रहेंगी या फिर पैन-इंडिया स्टारडम की राह पर निकलेंगी।
Bhagyashree की यात्रा यह साबित करती है कि असली पहचान पाने के लिए कभी-कभी राह बदलनी पड़ती है। सफलता वही पाता है जो कोशिश जारी रखता है और खुद पर विश्वास नहीं खोता।आज Bhagyashree बोरसे सिर्फ एक मॉडल या कैमियो कलाकार नहीं बल्कि दक्षिण भारत की नई उभरती “स्टार परफॉर्मर” बन चुकी हैं, और उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है।










