सोशल संवाद/जमशेदपुर: जहरीली गैस रिसाव से Dhanbad के केंदुआडीह क्षेत्र की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। प्रभावित इलाकों में लोग घरों में रहने से डर रहे हैं। दहशत के कारण कई परिवार अपने बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेज चुके हैं। क्षेत्र में जहरीली गैस का स्तर लगभग 500 पीपीएम दर्ज किया जा रहा है, जबकि 50 पीपीएम से अधिक स्तर को ही अत्यंत खतरनाक माना जाता है।

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सोमवार को Dhanbad के झरिया फायर एरिया के तहत केंदुआडीह के गैस प्रभावित राजपूत बस्ती और मस्जिद पट्टी क्षेत्रों का दौरा करने के बाद जदयू विधायक सरयू राय ने कहा कि इस घटना की सीधी जिम्मेदारी BCCL की है, लेकिन इससे भी बड़ा दोषी खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) है। इस इलाके में बीसीसीएल खनन करती है।
उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार कोयला खनन के बाद बालू भराई अनिवार्य थी, लेकिन खनन कंपनियों ने इसका पालन नहीं किया। डीजीएमएस को साल में दो बार निरीक्षण रिपोर्ट भेजनी होती है, पर वह अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहा है।
सरयू राय ने कहा कि गैस रिसाव के कारण विस्थापन की नौबत आ गई है, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्य सचिव या अन्य बड़े अधिकारी दौरे पर आते हैं, तब भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती।
उन्होंने बेलगढ़िया पुनर्वास स्थल को ‘कबूतरखाना’ बताते हुए कहा कि वहां बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। प्रभावित लोगों का रोजगार इसी क्षेत्र से जुड़ा है। केवल लोगों को हटाना समाधान नहीं है। उन्हें जीने के लिए सुरक्षित आश्रय और रोजगार दोनों चाहिए। विधायक ने कहा कि सबसे पहले जहरीली गैस को रोकने के ठोस उपाय किए जाएं। लोगों की जान की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए प्रशासन को तुरंत प्रभावी कदम उठाने होंगे।










