सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने Chaibasa में सामने आई एक दर्दनाक घटना को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर तीखा हमला बोला है। मरांडी ने कहा कि एंबुलेंस उपलब्ध न होने के कारण एक पिता को अपने चार साल के बेटे का शव थैले में रखकर घर ले जाना पड़ा, जो व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करता है।

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नेता प्रतिपक्ष ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि ऐसी नाकामियों के बाद इस्तीफे की बात करना भी काफी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सरकार में ऐसी घटनाएं हो रही हों, वहां जिम्मेदार मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राजनीति से दूर हो जाना चाहिए।

मरांडी ने आगे कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद सरकार केवल औपचारिकता निभाते हुए सोशल मीडिया पर मुआवजे और जांच की घोषणाएं करती है, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदलती। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला सिर्फ पश्चिमी सिंहभूम का नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की पीड़ा है।
उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह चरमराई हुई बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इस बयान के बाद राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और सरकार की जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।










