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जमशेदपुर पुलिस हिरासत में जीत महतो की मौत, अर्जुन मुंडा ने न्यायिक जांच की मांग

By Riya Kumari

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जमशेदपुर

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सोशल संवाद / जमशेदपुर:  जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र अंतर्गत गोकुलनगर बस्ती निवासी जीत महतो की पुलिस हिरासत में हुई मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। 30 दिसंबर को मोबाइल चोरी के संदेह में पुलिस द्वारा जीत महतो को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि हिरासत के दौरान उसके साथ गंभीर मारपीट और अमानवीय व्यवहार किया गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।  

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बाद में उसे एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस द्वारा आनन-फानन में यू.डी. केस दर्ज कर पोस्टमार्टम कराना, अंतिम संस्कार की जल्दबाज़ी और परिजनों को 2 लाख की राशि सौंपे जाने से पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।

शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा के संग पार्टी का शिष्टमंडल गोकुलनगर पहुंचा और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान दिवंगत जीत महतो की मां, पत्नी एवं बड़ी संख्या में बस्तीवासी मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने परिजनों से विस्तारपूर्वक बात की और घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद दो दिनों तक उन्हें जीत महतो से मिलने तक नहीं दिया गया। इस दौरान उसकी गर्भवती पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया, जो जन्म लेते ही अपने पिता का साया खो बैठी है।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में किसी भी व्यक्ति की मौत सीधे तौर पर शासन और पुलिस प्रशासन की विफलता है। अर्जुन मुंडा ने मांग की कि इस मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो, एमजीएम थाना प्रभारी को अविलंब बर्खास्त किया जाए और उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। कहा कि राज्य में क्या गरीब होना अपराध बन गया है। पुलिस की बर्बरता पर पर्दा डालने के लिए पैसे का सहारा लिया जा रहा है।

वहीं, भाजपा महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने जिला प्रशासन को 24 घंटे का समय देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा में थाना प्रभारी समेत सभी दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती है, तो भारतीय जनता पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि आनन-फानन और मामला रफा दफा करने के लिए 2 लाख की राशि गरीब परिवार को देकर उनकी संवेदनाओं का मज़ाक बनाया गया है। पार्टी पीड़ित परिवार को उचित मुआवज़ा, सुरक्षा और न्याय दिलाने तक संघर्ष करेगी।

इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव, बिनोद सिंह, नीरज सिंह, संजीव सिन्हा, बबुआ सिंह, राजीव सिंह, संजीव सिंह, विजय तिवारी, कृष्णा शर्मा काली, बिनोद राय, रविन्द्र सिसोदिया, नीतीश कुशवाहा, नीलू मछुआ, आनंद कुमार, सुशील पांडेय समेत कई अन्य भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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