सोशल संवाद / नई दिल्ली : आदमी पार्टी ने एमसीडी सदन में पार्टी की महिला पार्षदों को भेड़ बकरी जैसे अपमानजनक शब्द का प्रयोग करने वाले भाजपा के मेयर राजा इकबाल सिंह के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। शनिवार को सिविक सेंटर स्थित महापौर कार्यालय के बाहर एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘‘आप’’ पार्षदों ने भाजपा और मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
‘आप’’ पार्षद कई भेड़ों को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे और कहा कि भाजपा इन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर ले। इस बाबत ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा मेयर राजा इकबाल सिंह ने महिला पार्षदों को भेड़-बकरियां बोलकर पूरे देश की नारी शक्ति का अपमान किया है। ‘‘आप’’ की पुरजोर मांग है कि भाजपा महिलाओं का अपमान करने वाले अपने मेयर को बर्खास्त करे।
अंकुश नारंग ने कहा कि महिलाओं का अपमान करने के लिए मेयर राजा इकबाल सिंह तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने सदन की बैठक में महिला पार्षदों के लिए भेड़-बकरी जैसे आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग किया। यह सिर्फ शब्दों की मर्यादा तोड़ने का मामला नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान का है। पूरे देश में भाजपा की महिला विरोधी मानसिकता बार-बार उजागर होती रही है। आम आदमी पार्टी देश की हर बेटी और हर महिला के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए मजबूती से खड़ी है और भाजपा के ऐसे नेताओं से जवाबदेही तय कराकर इंसाफ दिलाने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
अंकुश नारंग ने कहा कि शुक्रवार को मेयर ने सदन के अंदर जिस शब्दावली का इस्तेमाल किया, वह उस पद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने महिला पार्षदों को ‘भेड़-बकरियों’ कहकर संबोधित किया। मेयर ने माफी भी मांगी थी। बाद में मेयर कह रहे हैं कि उन्होंने कुछ बोला ही नहीं। अगर उन्होंने कुछ नहीं बोला, तो फिर वह माफी किस बात की मांग रहे थे? देश के अंदर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करने वाली भाजपा को शर्म आनी चाहिए कि उनके मेयर महिलाओं को भेड़-बकरी कह रहे हैं। ऐसे मेयर को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर देना चाहिए।
अंकुश नारंग ने आगे कहा कि जो व्यक्ति महिलाओं का सम्मान नहीं कर सकता, उसे ऐसे पद पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है। यह वही महिलाएं हैं जिन्होंने भाजपा को दिल्ली विधानसभा में 70 में से 48 सीटें दी हैं, केंद्र में तीन-तीन बार सरकार बनाई है और दिल्ली में सातों सांसद जिताकर दिए हैं। उन्हीं महिलाओं को मेयर राजा इकबाल सिंह भेड़-बकरी कह रहे हैं, जो शर्मनाक है। भाजपा को तुरंत प्रभाव से उन्हें बर्खास्त करना चाहिए।
वहीं, एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा की मानसिकता ऐसी हो गई है कि वे दिल्ली और देश की महिलाओं को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते। सदन में शुक्रवार को यही हुआ जब मेयर राजा इकबाल सिंह ने महिला पार्षदों को भेड़-बकरी कहकर संबोधित किया। अगर भाजपा को यह फर्क दिखाई नहीं देता, तो उन्हें इन भेड़-बकरियों को अपनी पार्टी में शामिल करके चुनाव लड़वाना चाहिए और पार्षद बनवाना चाहिए। भाजपा की अकल को क्या हो गया है, इसके लिए उन्हें ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ करना चाहिए। भाजपा लगातार महिलाओं का अपमान कर रही है। जहां भी बड़े कांड होते हैं, वहां भाजपा नेता का नाम जरूर आता है।
प्रवीण कुमार ने आगे कहा कि शुक्रवार को विधानसभा सदन में भाजपा के एक विधायक ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी को ‘नाचने-झूमने वाली’ कहा। यह बहुत शर्म की बात है कि दिल्ली में भाजपा नेता इस तरह की बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेयर राजा इकबाल सिंह को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए। अगर उन्हें बर्खास्त नहीं किया जाता, तो आम आदमी पार्टी का विरोध प्रदर्शन और तेज होगा तथा इसे सघन रूप से चलाया जाएगा। दिल्ली की महिलाएं अपने सम्मान के लिए सड़कों पर उतरेंगी और आम आदमी पार्टी उनके सम्मान के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी।
वहीं, एक भेड़ को लेकर आईं एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि मैं मेयर राजा इकबाल के लिए यह गिफ्ट लेकर आई हूं। चूंकि उन्होंने महिला पार्षदों को भेड़-बकरियां कहा है, तो ये भेड़-बकरियां यह पूछने आई हैं कि अगर महिला पार्षद भेड़-बकरियां हैं, तो उन्हें भी भाजपा में शामिल करके हिस्सा दिया जाए। ये चाहती हैं कि इन्हें भी भाजपा में शामिल किया जाए और पार्षद बनाया जाए, क्योंकि मेयर राजा इकबाल सिंह की नजरों में तो महिला पार्षद भेड़-बकरियां ही हैं। इसलिए असली भेड़-बकरियों को भी मौका दिया जाना चाहिए, क्योंकि भाजपा की मानसिकता ही यही है कि वह महिलाओं को भेड़-बकरी समझती है।
इस दौरान वार्ड नंबर 112 से निगम पार्षद और चेयरमैन (वेस्ट जोन) निर्मला कुमारी ने कहा कि शुक्रवार को सदन में भाजपा के मेयर ने महिला पार्षदों को भेड़-बकरी कहकर संबोधित किया, जो कि बेहद निंदाजनक है और हम सभी महिला पार्षद इसकी घोर निंदा करती हैं। महिला पार्षद जनता द्वारा चुनी हुई प्रतिनिधि हैं और उनका इस तरह अपमान नहीं किया जा सकता। यह मेयर की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
वे महिला विरोधी मानसिकता लेकर इस पद पर बैठे हैं। मेयर का पद एक संवैधानिक पद है और उन्होंने चुनी हुई महिला पार्षदों के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करके देश की आधी आबादी को भेड़-बकरी कहा है। उन्होंने भाजपा से मांग करते हुए कहा कि राजा इकबाल सिंह का इस्तीफा लिया जाना चाहिए और उन्हें सार्वजनिक तौर पर आकर माफी मांगनी चाहिए। आम आदमी पार्टी की सभी महिला पार्षद मेयर की इस मानसिकता का पुरजोर विरोध करेंगी, क्योंकि भाजपा के मन में महिलाओं के लिए सम्मान नहीं है।











