सोशल संवाद/डेस्क : एक समाचार चैनल पर प्रसारित खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए सरयू राय ने कहा कि ओल्ड पुरुलिया रोड की सच्चाई यह है कि यह सड़क बीते पांच साल में दो बार बनाई गई और इसे बन्ना गुप्ता ने बनवाया। यह बात बन्ना गुप्ता ने उसी चैनल पर दिये गए साक्षात्कार में स्वीकार किया है। एक बार 2022-23 में इस सड़क को बनाया गया था। तब इसके आईआरक्यूपी (कालीकरण) का काम किया गया था। बन्ना गुप्ता ने विधायकी संभाली 2020 में। पहली बार उन्होंने जो सड़क बनाई, वह खराब हो गई। फिर दो साल बाद उन्होंने सड़क बनाई, जो फिर खराब हो गई। वह (सरयू राय) 2024 के आखिरी में विधायक बने। 2025 में इस सड़क के लिए फिर से एस्टीमेट बनाया गया। एस्टीमेट में लिखा गया है कि वर्तमान में इस पथ की स्थिति अत्यंत जर्जर हो गई है। जगह-जगह गड्ढे हैं।

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राय के अनुसार, उनके आग्रह पर पिछले साल जुलाई माह में ही एस्टीमेट बना कर भेज दिय़ा गया था। इसे केंद्रीय निरुपण संगठन, झारखंड सरकार को भेजा गया था। केंद्रीय निरुपण संगठन के मुख्य अभियंता ने भी इसका एस्टीमेट बना लिया। डिजाइन भी बना लिया और उसे 9 दिसंबर 2025 को अभियंता प्रमुख को भेज दिया। तब से यह फाइल अभियंता प्रमुख के यहां पड़ी हुई है।
सरयू राय ने वीडियो में उक्त पत्रकार से पूछा है कि क्या आपको जानकारी है कि इसे किसने रोका है? उन्होंने कहा कि जिस इलाके से उन्हें वोट नहीं मिलता, वह उस इलाके के लिए भी काम करते हैं।
विधायक निधि से कई योजनाएं उस इलाके के लिए उन्होंने लिख कर भेजी है। विधायक बनते ही इस ओल्ड पुरुलिया रोड सड़क के बारे में भी सरकार को लिखा। अभियंता प्रमुख जैसे ही दस्तखत करेंगे, यहां के अभियंता काम शुरु कर देंगे। उन्होंने इस सड़क के बारे में अभियंताओं को सख्त हिदायत दे रखी है कि पहले की तरह लीपापोती मत कीजिएगा। मजबूत और चौड़ी सड़क बनाइए। मंत्री रहते हुए बन्ना गुप्ता ने अपने इलाके की सड़कों की ऐसी मरम्मत कराई कि पांच साल में दो बार एक ही सड़क की मरम्मत करवानी पड़ी।
सरयू राय ने कहा कि बन्ना गुप्ता ने कहा था कि वह नली-गली, सभी को चकाचक कराएंगे। यानी उन्होंने पहले से ही मान लिया है कि उनकी धर्मपत्नी जी मेयर बन जाएंगी। ये सड़क पथ-निर्माण विभाग की है। इसका किसी मेयर से लेना-देना नहीं है।
सरयू राय ने पूछा कि आजादनगर, जवाहरनगर, ओल्ड पुरुलिया रोड, न्यू पुरुलिया रोड में सफाई के ठेकेदार कौन हैं? बन्ना के चहेते ही तो ठेकेदार हैं, जिनमें बबुआ झा भी एक हैं। उन्होंने कई बार ठेकेदारों का निरीक्षण किया। ठेकेदारों को देना है 50 मजदूर। मौके पर मिले मात्र 15 मजदूर। सवाल यह है कि शेष 35 मजदूर गये कहां? सैलरी बनी 50 मजदूरों की। मौके पर काम करते मिले मात्र 15 मजदूर तो शेष 35 मजदूर कहां गए? क्या ये बन्ना के घर की सफाई करते हैं? उनके परिवार के काम में लगे हैं? उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने मानगो नगर निगम को लिखा है कि इन ठेकेदारों पर कार्रवाई करें। क्यों नहीं कार्रवाई हो रही है? कहा कि वह गुरुवार को ही मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त से पूछेंगे कि उन्होंने दोषी ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई की?
सरयू राय ने कहा कि मानगो में सफाई की इतनी तत्परता है, (खास कर उस इलाके में जो बन्ना गुप्ता को थोक के भाव में वोट देता है, बन्ना को 37000 वोट उस इलाके से मिलते हैं तो उन्हें मात्र 415 वोट मिलते हैं) उस इलाके में भी इनके चहेते ठेकेदारों के होने के बावजूद सफाई में कोताही कर रहे हैं और दोष उन पर (राय पर) मढ़ रहे हैं।
सरयू राय ने वीडियो में कहा कि जाल-फरेब का धंधा शुरु हो गया है, गलत खबरें फैलाने का धंधा शुरु हो गया है क्योंकि मानगो नगर निगम का चुनाव आ गया है। लोगों को समझना होगा कि आपके द्वारा किया गया भ्रष्टाचार नगर निगम चुनाव में उजागर होगा। मंत्री रहते हुए जिस तरह लूट की छूट स्वास्थ्य विभाग में थी, वैसी ही छूट ये मानगो नगर निगम में भी कराना चाहते हैं। मानगो के निवासियों को ऐसे शिकारियों से सावधान रहना होगा। शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा, लोभ से फंसना नहीं। पत्रकार और बन्ना गुप्ता ने अपने चरित्र को फिर से उजागर कर दिया।










