---Advertisement---

Lohanchal क्षेत्र में हरित पहल- गंगाधर ने की स्ट्रॉबेरी की सफल खेती

By Aditi Pandey

Published :

Follow
Green initiative in Lohanchal region

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क: बड़बिल–केंदुझर जिले के जोड़ा खनन क्षेत्र में खेती की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। चंपकपुर पंचायत के रेवेंसापुर गांव निवासी गंगाधर मुंडा ने टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से आधुनिक और प्राकृतिक तकनीकों के जरिए स्ट्रॉबेरी की सफल खेती शुरू कर क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है।

यह भी पढ़ें: रामकृष्णा फोर्जिंग्स में NDRF की मॉक ड्रिल, औद्योगिक आपदा से निपटने की तैयारियां मजबूत

वर्ष 2020 में सरकारी परियोजना के तहत जमीन गंवाने के बाद गंगाधर ने हार न मानते हुए चार एकड़ बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया और खेती का रास्ता चुना। शुरुआत में रासायनिक खाद के इस्तेमाल से नुकसान हुआ, लेकिन बाद में टाटा स्टील फाउंडेशन के मार्गदर्शन में उन्होंने बीजामृत, जीवामृत और मल्चिंग जैसी प्राकृतिक विधियां अपनाईं, जिससे खेती की लागत घटी और उत्पादन में सुधार हुआ।

पिछले तीन वर्षों से गंगाधर सब्जियों और फलों के साथ-साथ स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। इससे उन्हें सालाना करीब 40 हजार रुपये का लाभ हो रहा है। पॉलीहाउस, गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी प्रशिक्षण और ड्रिप-स्प्रिंकलर सिंचाई सुविधा के जरिए उनकी मासिक आय बढ़कर लगभग 26 हजार रुपये तक पहुंच गई है।

गंगाधर की सफलता अब आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। टाटा स्टील फाउंडेशन के जोड़ा इम्पैक्ट क्लस्टर प्रमुख रविंद्र कुमार का कहना है कि सही तकनीक और निरंतर सहयोग से खनन क्षेत्रों में भी कृषि को टिकाऊ आजीविका का मजबूत माध्यम बनाया जा सकता है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---