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भारत-EU में 18 साल बाद ट्रेड डील: इम्पोर्टेड लग्जरी कारों पर टैरिफ 110% से घटकर 10%, प्रीमियम शराब पर 150% की जगह 20% टैक्स

By Aditi Pandey

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India-EU trade deal after 18 years

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सोशल संवाद/डेस्क : भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच 18 साल की लंबी बातचीत के बाद मंगलवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो गया है। भारत और यूरोपियन यूनियन के नेताओं ने मंगलवार को 16वें भारत-EU समिट के दौरान इसका ऐलान किया। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक इस समझौते को 2027 में लागू किए जाने की संभावना है। इस डील के बाद भारत में यूरोपीय कारें जैसे कि BMW, मर्सिडीज पर लगने वाले टैक्स को 110% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा।

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इसके अलावा भारत में यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर टैक्स कम हो सकता है। यूरोपीय देशों की शराब पर अभी 150% टैरिफ लगता है। इसे घटाकर 20–30% किया जाएगा। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि EU दूसरी सबसे बड़ी। दोनों मिलकर वैश्विक GDP का करीब 25% और दुनिया के कुल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रखते हैं।

इंडिया-EU बिजनेस फोरम में 100 से ज्यादा CEO शामिल हुए

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि इंडिया-EU बिजनेस फोरम में दोनों पक्षों के 100 से अधिक CEO शामिल हुए। पिछले एक दशक में भारत और यूरोपीय संघ के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। मिस्री ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में भारत-EU रणनीतिक साझेदारी सिर्फ द्विपक्षीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण हो गई है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक और रणनीतिक संतुलन तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं होने के नाते भारत और EU कई बड़े वैश्विक मुद्दों से सीधे जुड़े हैं।

मोदी बोले- रेयर अर्थ मिनरल्स को हथियार बनाया जा रहा

भारत-EU बिजनेस फोरम में पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि कारोबारी इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से मिलने वाले मौकों का पूरा फायदा उठाएंगे। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत और EU दोनों की प्राथमिकताओं से जुड़ा है और इससे व्यापारिक साझेदारियों को भी लाभ होगा मोदी ने कहा कि आज दुनिया में व्यापार तकनीक और रेयर खनिजों को हथियार बनाकर इनका इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, इसलिए भारत और EU को मिलकर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी चिप्स और दवाओं के कच्चे माल जैसे सेक्टर्स में बाहरी निर्भरता घटाने और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने पर साथ काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और EU दोनों ही डिफेंस इंडस्ट्री और नई तकनीकों पर ध्यान दे रहे हैं और कारोबारियों से डिफेंस, स्पेस, टेलीकॉम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि टिकाऊ भविष्य भी भारत और EU की साझा प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा और स्मार्ट ग्रिड जैसे सेक्टर्स में मिलकर रिसर्च और निवेश बढ़ाने की बात कही। इसके साथ ही छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर, टिकाऊ ट्रासपोर्ट, वाटर मैनेजमेंट, सर्कुलर इकोनॉमी और टिकाऊ खेती जैसे क्षेत्रों में भी मिलकर काम करने पर जोर दिया।

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