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बड़े उद्योगपतियों के लिए राहत, आम जनता के लिए मुश्किलें: राकेश साहू

By Riya Kumari

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बड़े उद्योगपतियों के लिए राहत

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सोशल संवाद / जमशेदपुर : झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव राकेश साहू ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट को गरीब विरोधी और जनविरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार के बजट से महंगाई और बेरोजगारी दोनों और बढ़ने वाली हैं, जबकि आम जनता को कोई वास्तविक राहत नहीं दी गई है।

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राकेश साहू ने कहा कि आज देश की बड़ी आबादी 10 हजार रुपये से भी कम मासिक आय पर जीवन यापन करने को मजबूर है और 5 किलो गेहूं व 1 किलो चना पर निर्भर होती जा रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा समर्थक सात लाख तक टैक्स फ्री होने का जश्न मना रहे हैं। यह बजट अमीर और गरीब के बीच की खाई को और चौड़ा करने वाला है।

उन्होंने कहा कि इस बजट में मिडिल क्लास को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। न तो इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव किया गया और न ही स्टैंडर्ड डिडक्शन में, जिससे सैलरीड क्लास में भारी निराशा है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर इसे “मिडिल क्लास इग्नोर बजट” कहा जा रहा है। राकेश साहू ने कहा कि बजट में किसान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर कोई ठोस फोकस नहीं दिखता।

कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस बजट को बेरोजगारी और किसान संकट से आंख मूंदने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि देश की असली समस्याओं को नजरअंदाज कर केवल आंकड़ों और भाषणों से जनता को गुमराह किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ाए जाने से शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली, जिससे छोटे निवेशक और एफ एंड ओ ट्रेडर्स को नुकसान हुआ। यह सरकार की आर्थिक नीतियों की असफलता को दर्शाता है।

राकेश साहू ने आरोप लगाया कि यह बजट किसान विरोधी, महिला विरोधी, शिक्षा विरोधी है और गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया गया है। बजट का झुकाव आम जनता की बजाय बड़े उद्योगपतियों के पक्ष में साफ नजर आता है।

उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में जनता को कोई तत्काल राहत नहीं दी गई है। उल्टा शराब, स्क्रैप जैसी चीजों के महंगे होने से आम आदमी की जेब पर और बोझ पड़ेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर तो है, लेकिन शॉर्ट-टर्म राहत पूरी तरह नदारद है। अंत में राकेश साहू ने कहा कि यह बजट भी पिछले बजटों की तरह ही फुस्स साबित हुआ है, जो आम लोगों के लिए अच्छे दिन नहीं, बल्कि बुरे दिन लेकर आने वाला है।

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