सोशल संवाद/डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2026 की अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए मलेशिया को चुना, जहां उनकी मुलाकात मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से हुई। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में भारत-मलेशिया संबंधों को नई गति देने और सहयोग को ज़मीन पर उतारने पर जोर दिया गया।

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बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के रिश्ते अब और मजबूत होंगे तथा आर्थिक सहयोग, निवेश और व्यापार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। दोनों देशों का लक्ष्य है कि साझेदारी को रणनीतिक भरोसे के आधार पर आगे बढ़ाया जाए, जिससे विकास और समृद्धि के नए रास्ते खुलें।
सुरक्षा के मुद्दे पर भी अहम सहमति बनी। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने का फैसला किया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह की नरमी या दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा।
तकनीक और उद्योग के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। सेमीकंडक्टर निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वास्थ्य क्षेत्र में संयुक्त पहल की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सीईओ फोरम की बैठक भी आयोजित की गई, जिससे उद्योग जगत के बीच साझेदारी मजबूत होने की उम्मीद है।
आम लोगों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। डिजिटल भुगतान को आसान बनाने के लिए मलेशिया में यूपीआई सेवा को लागू करने पर सहमति बनी है। पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए ई-वीजा सुविधा और भारतीय कामगारों की सुरक्षा से जुड़े समझौते भी किए गए हैं। साथ ही मलेशिया में भारत का नया वाणिज्य दूतावास खोलने की योजना है।
सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। तमिल भाषा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया में एक विशेष केंद्र स्थापित करने और छात्रों के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की गई। फिल्मों और संगीत के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी समझौता हुआ है।
दोनों देशों के नेताओं की मौजूदगी में कुल 11 समझौतों और दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ, जिनमें डिजिटल पेमेंट, सेमीकंडक्टर, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार निरोधक सहयोग जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं।










