सोशल संवाद/डेस्क: बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए Government of Bihar ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद Bihar Special Auxiliary Police (SAP) में 17 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेज कर दी है।

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इस बार भर्ती में एक अहम बदलाव किया गया है। पहले जहां केवल सेना से सेवानिवृत्त जवानों को मौका मिलता था, वहीं अब अर्धसैनिक बलों से रिटायर्ड कर्मियों को भी नियुक्ति का अवसर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि अनुभवी और प्रशिक्षित जवानों की तैनाती से पुलिसिंग और प्रभावी होगी।
भर्ती योजना को लागू करने के लिए गृह विभाग ने वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रस्ताव के अनुसार जूनियर कमीशंड ऑफिसर का मानदेय बढ़ाकर 40 हजार रुपये और एसएपी जवानों का मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति माह करने की तैयारी है।
सरकारी अनुमान के मुताबिक, बढ़े हुए वेतन के साथ इतनी बड़ी संख्या में भर्ती करने पर राज्य के खजाने पर हर साल लगभग 642 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। करीब 13 करोड़ की आबादी वाले बिहार में पुलिस बल की संख्या लंबे समय से कम मानी जाती रही है। ऐसे में इस भर्ती को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










