सोशल संवाद/डेस्क: मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर ट्रीय जनता दल (RJD) की अंदरूनी कलह सड़क पर आ गयी है. पार्टी में समर्थन को लेकर मचे घमासान के बीच जिला अध्यक्ष शंभू नाथ चौधरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष समेत तीन बड़े नेताओं को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है. साथ ही एक पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

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राजद में विवाद तब शुरू हुआ जब जिलाध्यक्ष शंभू चौधरी ने मानगो नगर निगम क्षेत्र के लिए जेबा खान को पार्टी का अधिकृत समर्थन देने की घोषणा की. इसके उलट, पार्टी के महानगर अध्यक्ष रमेश राय ने कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी सुधा गुप्ता को समर्थन दे दिया. इस अंतर्विरोध ने पार्टी की गुटबाजी को सार्वजनिक कर दिया है, जिससे कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है.
राजद में अनुशासनहीनता पर गिरी गाज
राजद जिला अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पार्टी विरोधी गतिविधियों और निर्देशों की अवहेलना के आरोप में बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सिंटू पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा, प्रदेश उपाध्यक्ष मंजू शाह और महानगर अध्यक्ष रमेश राय को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है.
नोटिस में उल्लेख है कि रमेश राय ने प्रेस वार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष के लिए ‘देहाती जिला अध्यक्ष’ जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे संगठन की छवि धूमिल हुई है. वहीं, मंजू शाह पर बिना अनुमति नामांकन दाखिल करने और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध प्रचार करने का आरोप है. जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार मानगो में जेबा खान ही राजद की अधिकृत समर्थित प्रत्याशी हैं.
जीतेंद्र कांग्रेस से छह साल के लिए निलंबित
मानगो नगर निगम के चुनाव में मेयर पद पर कांग्रेस नेता जीतेंद्र सिंह द्वारा अपनी पत्नी पार्वती देवी को चुनाव लड़ना महंगा पड़ा है. कांग्रेस ने जीतेंद्र सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. जीतेंद्र सिंह को छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है. जीतेंद्र सिंह की पत्नी पार्वती देवी मानगो नगर निगम चुनाव में मेयर पद की प्रत्याशी हैं, जबकि कांग्रेस ने अपना समर्थित उम्मीदवार पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता को बनाया है.
इसे लेकर काफी दिनों तक यह कवायद चल रही थी कि जीतेंद्र सिंह की पत्नी का नामांकन वापसी करायी जाये, लेकिन जीतेंद्र सिंह नहीं माने, जिसके बाद यह कार्रवाई की गयी है. इससे पहले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण पार्टी से हुए थे निष्कासित जीतेंद्र सिंह को इससे पहले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण पार्टी से निष्कासित किया गया था.
इसके बाद चुनाव के बाद फिर से उनको कांग्रेस में वापस लिया गया था, लेकिन फिर से उन्होंने कांग्रेस के समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ अपनी पत्नी का नामांकन करा दिया, जिसके बाद उनको छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया है. कांग्रेस के कार्यालय प्रभारी संजय सिंह आजाद ने एक पत्र जारी करते हुए कहा है कि जीतेंद्र सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाता है.
उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि कांग्रेस पार्टी में फिर से शामिल होकर अनुशासित कार्यकर्ता का मान रखने का वचन वरिष्ठ नेताओं को दिया था. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देशानुसार कांग्रेस के समर्थित प्रत्याशी को सहयोग करना है. इस विषय के गंभीरता को देखते हुए जिला पर्यवेक्षक बलजीत सिंह बेदी और जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह के निर्देशानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की गयी है.










