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मुंगेर में गीता थिएटर का जलवा, 3 पुरस्कार व 2 राष्ट्रीय सम्मान हासिल

By Riya Kumari

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मुंगेर में गीता थिएटर का जलवा, 3 पुरस्कार व 2 राष्ट्रीय सम्मान हासिल
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सोशल संवाद / डेस्क : बिहार मुंगेर बरियारपुर में अंग नाट्य मंच द्वारा आयोजित 03 तीन दिवसीय 26वें बहुभाषीय अंतरराष्ट्रीय मंच नाटक, नुक्कड़ नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता 2026 मे शहर की नाट्य ट्रस्ट गीता थिएटर ने सम्मिलित हो प्राप्त किया 03 पुरस्कार वं 02 राष्ट्रीय सम्मान ।

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बिहार मुंगेर बरियारपुर में अंग नाट्य मंच द्वारा आयोजित 03 तीन दिवसीय 26वें बहुभाषीय अंतरराष्ट्रीय मंच नाटक, नुक्कड़ नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता 2026 मे निम्नलिखित पुरस्कार वं सम्मान प्राप्त करते हुए नाट्य ट्रस्ट गीता थिएटर के कलाकार-

  • मंच नाटक- अतिथि देवो भव: , भूमिका- पंडिताइन खुशी दुबे- प्रथम सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेत्री पुरस्कार 2026
  • मंच नाटक- अतिथि देवो भव: , भूमिका- पंडित प्रेम दीक्षित- द्वितीय सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेत्र पुरस्कार 2026
  • मंच नाटक- अतिथि देवो भव: , भूमिका- छोटा पंडित करन साव- द्वितीय सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार पुरस्कार 2026
  • नुक्कड नाटक- हां मै डायन हूॅ, द्वितीय सर्वश्रेष्ठ नुक्कड नाटक पुरस्कार 2026
  • सर्वश्रेष्ठ अनुशासित नाट्य दल पुरस्कार 2026
  • अंग सम्मान पुरस्कार 2026 – श्रीमती गीता कुमारी (नाट्य दल प्रमुख)

विगत दिन लौहनगरी जमशेदपुर की युवा कला नाट्य ट्रस्ट गीता थिएटर जमशेदपुर (Gita Theatre Jamshedpur) बिहार राज्य के मुंगेर बरियारपुर में अंग नाट्य मंच द्वारा आयोजित 03 तीन दिवसीय 26वें बहुभाषीय अंतरराष्ट्रीय मंच नाटक, नुक्कड़ नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता 2026 मे सम्मिलित हो हिस्सा बनी प्रतियोगिता का  जहां अंग नाट्य मंच के मानसी लक्ष्मण प्रेक्षागृह मे बहुभाषीय अंतरराष्ट्रीय मंच नाट्य प्रतियोगिता 2026 अंतर्गत गीता थिएटर द्वारा  लघु नाटक ”अतिथि देवो भव:” का मंचन किया गया।

जिसके लिए नाट्य दल की अभिनेत्री खुशी दुबे को प्रथम सर्वाश्रेठ हास्य अभिनेत्री पुरस्कार पंडिताइन की पात्र हेतू, द्वितीय सर्वाश्रेठ हास्य अभिनेता पुरस्कार प्रेम दीक्षित को पंडित की  हेतु, द्वितीय सर्वाश्रेठ बाल कलाकार पुरस्कार करण साव को छोटा पंडित पत्र हेतु प्राप्त हुआ।

वहीं अंग नाट्य मंच के राष्ट्रीय नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता मे डायन कुप्रथा अभियान के प्रति जन जागरूकता हेतु“मैं डायन नही हूँ”नामक नुक्कड़ नाटक मंचन भागलपुर के घंडा चौक मे किया गया था जिसके लिए टीम को राष्ट्रीय सर्वाश्रेठ द्वितीय नुक्कड़ नाटक दल पुरस्कार प्राप्त हुआ। 

मंच नाटक – ‘अतिथि देवो भवः’ अतिथि ईश्वर का रूप होता है… पर क्या हो अगर घर आया वही अतिथि किसी षडयंत्र की भेंट चढ़ जाए? और क्या हो जब एक बेटी के हाथ पीले करने के लिए पिता का स्नेह नहीं, बल्कि समाज का ‘पकड़ुआ विवाह’ जैसा कुत्सित चेहरा सामने आए?

आज की कहानी ‘मंजरी’ की है। एक ऐसी युवती जो शिक्षित है, प्रतिभावान है और सपनों से भरी है। लेकिन उसके सपनों और हकीकत के बीच खड़ा है—दहेज का दानव। एक तरफ उम्र के आखिरी पड़ाव पर खड़ा विधुर तपोसागर है, जिससे मंजरी का सौदा करने की तैयारी है; तो दूसरी तरफ घर आया हुआ अनजान अतिथि शरद, जिसे ‘दामाद’ बनाने के लिए रस्सियाँ और पहरे तैयार किए जा रहे हैं।

इसी बीच प्रेम की कसौटी भी है। प्रेमी अनूप साथ निभाने का वादा तो करता है, पर क्या वह मंजरी के संघर्ष का बोझ उठा पाएगा?

पूरी कहानी सिमटी है महज एक रात के उतार-चढ़ाव में। जहाँ हर पल बदलती परिस्थितियाँ आपको हंसाएंगी भी और आधुनिक समाज की विद्रूपताओं पर सोचने को मजबूर भी करेंगी।

यह मंच नाट्य प्रतिष्ठित लेखिका प्रीति सुमन द्वारा रचित समस्यामूलक हास्य कथा है लेखिका प्रीति सुमन ने समाज मे व्याप्त दहेज समस्या,पकड़ुआ विवाह और कुख्यात परंपरा को बहुत ही सरल शब्दो से गढा है जिसे गीता थिएटर के कलाकारों ने मनोरंजक ढंग से दर्शको के समक्ष प्रस्तुत किया।

पात्र परिचय

  • प्रेम दीक्षित – पंडित ( नाट्य निर्देशक)
  • खुशी दुबे – पंडिताईन
  • पूर्वी पांडेय – मंजरी (पंडित की बेटी)
  • आकाश साव – अनूप (मंजरी का प्रेमी)
  • अनंत सरदार – शरद (युवा मुसाफिर)
  • करन साव – छोटा पंडित  (पंडिताइन का भाई )

नुक्कड़ नाटक – हां मैं डायन हूँ.

“हां मैं डायन  हूं” एक नुक्कड़ नाटक है जो डायन प्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए बनाया गया है। यह नाटक एक महिला की कहानी है जिसे उसके पति के मरने के बाद ससुराल वालों की बात ना मानने पर डायन कहा जाता है और उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।

नाटक में दिखाया गया है कि कैसे एक महिला को उसकी जाति, उम्र और सामाजिक स्थिति के कारण डायन कहा जाता है और उसके साथ भेदभाव किया जाता है। नाटक का उद्देश्य लोगों को डायन प्रथा के खिलाफ जागरूक करना और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है।

नुक्कड़ नाटक एक शक्तिशाली माध्यम है जो समाज में बदलाव लाने के लिए उपयोग किया जा सकता है। यह नाटक लोगों को जागरूक करने और उनके विचारों को बदलने में मदद कर सकता है।

पात्र- परिचय

  • महिला (डायन) – खुशी दूबे
  • बेटी – पूर्वी पांडेय
  • मास्टर जी – प्रेम दीक्षित ( सूत्रधार )
  • देवर – अंनत सरदार
  • देवर का बेटा – करण साव (अपने बाप का सच मास्टर जी के सामने आने वाला लड़का)
  • देवर का दोस्त- आकाश साव

लेखिका वं निर्देशिका  – गीता कुमारी

मौके पर नाट्य कला दल को आयोजन समीती द्वारा सर्वश्रेष्ठ अनुशासित नाटक कला दल सम्मान 2026 प्रदान किया गया और कला नाट्य ट्रस्ट अध्यक्ष गीता कुमारी को एक दशक से अधिक समय से कला नाट्य क्षेत्र मे भागीरथी प्रयास, संघर्षपूर्ण योगदान एवं जन जागरूकता  हेतु राष्ट्रीय अंग नाट्य सम्मान 2026 सम्मान से नवाजा गया।

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