सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड को ग्रामीण विकास के लिए बड़ी आर्थिक मदद मिली है। केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्य को कुल 687 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की है। यह धनराशि सीधे पंचायती राज संस्थाओं को दी जाएगी, जिससे गांव स्तर पर विकास कार्यों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

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वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के व्यय विभाग द्वारा जारी इस अनुदान में 275.12 करोड़ रुपये “बेसिक यानी अनटाइड ग्रांट” के रूप में शामिल हैं। यह वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी किस्त है। इस राशि का उपयोग ग्राम पंचायत, प्रखंड पंचायत और जिला परिषद अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाओं पर कर सकेंगी। हालांकि, स्पष्ट किया गया है कि इस फंड का इस्तेमाल वेतन या प्रशासनिक खर्चों में नहीं किया जा सकेगा।
अनटाइड ग्रांट का उपयोग संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में शामिल 29 विषयों से जुड़े कार्यों पर किया जाएगा, जिससे स्थानीय निकायों को प्राथमिकताओं के अनुसार योजना बनाने की स्वतंत्रता मिलेगी।
इसके अलावा करीब 412.68 करोड़ रुपये “टाइड बेसिक ग्रांट” के रूप में स्वीकृत हुए हैं। यह राशि राज्य की 4,342 ग्राम पंचायतों, 253 प्रखंड पंचायतों और 24 जिला परिषदों के लिए निर्धारित है। इस फंड का उपयोग स्वच्छता, ओडीएफ स्थिति बनाए रखने, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण जैसी बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।
इस आर्थिक सहयोग से ग्रामीण इलाकों में आधारभूत ढांचे को सशक्त करने और विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।









