सोशल संवाद/डेस्क : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि 10वीं पास और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को हर महीने 1500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को आर्थिक सहारा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रोत्साहित करना है।

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कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह लाभ उन युवाओं को मिलेगा जिनकी उम्र 21 से 40 साल के बीच है और जो फिलहाल नौकरी की तलाश कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि इस आर्थिक सहायता से युवाओं को अपने भविष्य की दिशा तय करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना ‘युवा साथी’ कार्यक्रम के तहत लागू की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत ऐसे छात्र-छात्राएं जो पढ़ाई कर रहे हैं और किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं, उन्हें भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहले इस राशि का भुगतान 1 अप्रैल से शुरू करने की योजना थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सरकार ने इसे पहले ही जारी करने का फैसला किया है।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी दर में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई है। इसके अलावा राज्य में करीब 40 लाख लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से लगभग 10 लाख लोगों को रोजगार भी मिल चुका है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ने उद्योगों और प्रशिक्षित युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत उद्योगपतियों की वेबसाइटों को ‘उत्कर्ष बंगला’ योजना से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं से जोड़ा गया है, ताकि उन्हें आसानी से रोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में कई नए औद्योगिक प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। बिरभूम जिले के देउचा-पचामी क्षेत्र में कोयले के बड़े भंडार के विकास से लगभग एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा राज्य में छह आर्थिक कॉरिडोर भी बनाए जा रहे हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
ममता बनर्जी ने कहा कि सालबोनी में 1600 मेगावाट क्षमता के दो बिजली संयंत्र भी बनाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से राज्य में बिजली आपूर्ति और रोजगार दोनों में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि छोटे और मध्यम उद्योगों के क्षेत्र में पश्चिम बंगाल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में करीब 1.5 करोड़ लोग काम कर रहे हैं। वहीं बंतला के लेदर हब में ही लगभग 7.5 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
इसके साथ ही राज्य में स्वयं सहायता समूहों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में लगभग 12 लाख स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सरकार का कहना है कि बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता देने की यह योजना राज्य में रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।









