सोशल संवाद / जमशेदपुर : बिष्टुपुर पार्वती घाट प्रबंधन ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बहुत ही सराहनीय कदम उठाया है. इससे नदी व भूमि दोनों को संरक्षित करने का प्रयास किया जायेगा. पार्वती घाट अब शव को सम्मान से अंतिम संस्कार देने के साथ साथ शव पर चढ़े फूलों को भी सम्मान देने की तैयारी कर ली है. अब बहुत जल्द शव और शव यात्रा में लगे फूल इधर-उधर फेंके नहीं जायेंगे. शव पर सजे फूलों से पार्वती घाट प्रबंधन खाद बनाने की तैयारी कर ली है.

यह भी पढे : ₹3 करोड़ से जेएनएसी क्षेत्र में कराये जायेंगे विकास कार्य
अब पार्वती घाट पर आने वाले शव का अंतिम संस्कार के बाद प्रबंधन के सदस्यों द्वारा फूलों को इकट्ठा कर लिया जायेगा. उसके बाद उस फूल का उपयोग खाद बनाने के लिए किया जायेगा, ताकि पार्वती घाट के सुंदर पार्क में ही उसका उपयोग किया जा सके. पार्वती घाट प्रबंधन कमेटी के सचिव दीपेंद्र कुमार भट्ठ ने बताया कि श्मशान घाट पर हर रोज भारी मात्रा में फूल जमा हो जाते हैं, जिन्हें अंततः नदियों में प्रवाहित कर दिया जाता है या फिर कचरे में फेंक दिया जाता है. इससे परिसर गंदा होने के साथ-साथ पर्यावरण भी दूषित होता है, इसलिए इन फूलों से खाद बनाना एक बेहतरीन समाधान निकाला गया है. फूलों के अलावा पेड़-पौधों के पत्तों को भी खाद बनाने के लिए प्रयोग में लाया जायेगा.
रोज 50 किलो से ज्यादा फूल होते हैं एकत्रित
सचिव दीपेंद्र कुमार भट्ठ ने बताया कि पार्वती घाट पर प्रतिदिन औसतन 50 किलोग्राम फूल एकत्रित होते हैं. पार्थिव शरीर के साथ आने वाले फूलों को अलग करने के बाद माली उसे एक जगह एकत्रित करेगा. उसके बाद उसे घाट परिसर में बनाये गये गड्डों में डाल दिया जायेगा. इसके लिए कई गड्ढे बनाये जा रहे हैं. खाद बनने के बाद उसे पार्वती घाट के गार्डेन पार्क में उपयोग में लाया जायेगा.









