सोशल संवाद/डेस्क : बिहार के 2.22 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है. बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने अगले वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए बिजली दरों में किसी भी तरह की वृद्धि के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है. इसके साथ ही आयोग ने स्लैब सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए 100 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले करीब 27 लाख उपभोक्ताओं के लिए बिजली और सस्ती कर दी है. नयी दरें एक अप्रैल से प्रभावी होंगी.

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कंपनियों का 35 पैसे वृद्धि का प्रस्ताव खारिज :
नॉर्थ और साउथ बिहार बिजली कंपनियों ने सभी श्रेणियों में 35 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था।. बुधवार को आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानी, सदस्य अरुण कुमार सिन्हा और परशुराम सिंह यादव की बेंच ने इस पर फैसला सुनाते हुए कंपनियों के दावे को नामंजूर कर दिया. आयोग ने पाया कि बिजली कंपनियों के पास पहले से ही पर्याप्त सरप्लस (अतिरिक्त राशि) मौजूद है, इसलिए जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने की आवश्यकता नहीं है.
बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने शहरी घरेलू, ग्रामीण और शहरी व्यवसायिक श्रेणियों में मौजूदा दो स्लैब को खत्म कर एक स्लैब प्रणाली लागू कर दी है. अब 100 यूनिट से अधिक खपत करने पर भी उपभोक्ताओं को वही न्यूनतम दर देनी होगी जो पहले शुरुआती 100 यूनिट के लिए तय थी.
चौथे साल नहीं बढ़ी दरें : तीन सालों की तरह इस साल भी बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई है. वर्ष 2024-25 में दरें 15 पैसे कम हुई थीं, जबकि 2025-26 और अब 2026-27 में दरें स्थिर रखी गयी हैं.









