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कोल्हान यूनिवर्सिटी में कर्मचारियों का विरोध, पेंशन-प्रमोशन समेत कई मांगों पर अल्टीमेटम

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज किशोर ने कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलसचिव को एक ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय के शिक्षकेतर कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान की पुरजोर माँग की है। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि एक माह के भीतर इन न्यायोचित माँगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे।

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ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट किया गया है:

पेंशन में विलंब और आर्थिक संकट: पिछले कई महीनों से पेंशन भुगतान में हो रही देरी के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारी दवाइयों और दैनिक जरूरतों के लिए मोहताज हो रहे हैं। महासंघ ने माँग की है कि प्रत्येक माह की 5 तारीख तक पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

स्वास्थ्य बीमा का लाभ:

राज्य सरकार द्वारा घोषित स्वास्थ्य बीमा का लाभ अब तक कर्मचारियों, विशेषकर सेवानिवृत्त कर्मियों को नहीं मिला है। महासंघ ने इसे ‘जीवन के अधिकार’ का उल्लंघन बताते हुए इसे अविलंब लागू करने की माँग की है।

लंबित प्रोन्नति (Promotion):

जहाँ शिक्षकों को प्रोन्नति दे दी गई है, वहीं शिक्षकेतर कर्मचारी इससे वंचित हैं। कई कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही रिटायर हो गए हैं। महासंघ ने रिक्त पदों के आधार पर बैक-डेट (Retrospective effect) से प्रोन्नति देने की माँग की है।

अर्जित अवकाश का नकदीकरण (Leave Encashment):

सेवानिवृत्ति के दो साल बाद भी कई कर्मियों को उनके अर्जित अवकाश का भुगतान नहीं मिला है। महासंघ ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए इसे कर्मचारी की ‘संपत्ति’ बताया और ब्याज सहित भुगतान की माँग की है।

मनोज किशोर (प्रदेश उपाध्यक्ष) ने कहा, “विश्वविद्यालय प्रशासन की विफलता के कारण कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) पर संकट उत्पन्न हो गया है। सेवानिवृत कर्मचारी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।

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