सोशल संवाद / जमशेदपुर :चलती ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नगांव एक्सप्रेस (15630) में सफर कर रही एक महिला यात्री के साथ चोरी की गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें सोने के गहने, महंगा मोबाइल और नकदी गायब कर दी गई।

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पीड़िता अंकिता अग्रवाल के अनुसार, वह 27 मार्च 2026, शुक्रवार की सुबह असम के सिलघाट टाउन स्टेशन से 2AC कोच A1, सीट नंबर 20 पर सवार होकर टाटानगर के लिए यात्रा कर रही थीं।
यात्रा के दौरान कोच अटेंडेंट ने उन्हें एक बिना सील किया हुआ बेडशीट दिया। पहले मना करने के बावजूद ठंड अधिक होने के कारण उन्होंने वह चादर ले ली। इसके बाद वह अपना पर्स सिरहाने रखकर सो गईं। पीड़िता को संदेह है कि इसी दौरान उन्हें किसी तरह बेहोश कर दिया गया।
सुबह करीब 6 बजे जब उनकी आंख खुली, तब ट्रेन पाकुड़ स्टेशन पार कर चुकी थी। पर्स चेक करने पर पता चला कि उसमें रखे 4 सोने की चूड़ियां, 1 सोने का ब्रेसलेट, 1 iPhone 13 Pro और ₹13,000 नकद चोरी हो चुके थे। हैरानी की बात यह रही कि पर्स को खाली कर उसी स्थान पर वापस रख दिया गया था। पीड़िता ने अपने iWatch की मदद से फोन ट्रैक किया, जिसकी आखिरी लोकेशन पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मिली।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता को जानकारी मिली है कि उसी दिन इसी ट्रेन के अन्य कोचों में भी इसी तरह की चोरी की घटनाएं हुई हैं, जिससे किसी संगठित गिरोह की आशंका जताई जा रही है।

घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। 2-3 स्टेशन बाद पहुंचे RPF कर्मियों ने केवल औपचारिकता पूरी की और फीडबैक फॉर्म पर हस्ताक्षर करवा लिए।
पीड़िता ने टाटानगर स्टेशन स्थित जीआरपी थाने में FIR दर्ज कराई है और अटेंडेंट द्वारा दिया गया बेडशीट सबूत के तौर पर सौंप दिया है। उन्होंने शक जताया है कि इस घटना में कोच अटेंडेंट या पैंट्री स्टाफ की संलिप्तता हो सकती है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? और कब तक इस तरह की घटनाएं यात्रियों के भरोसे को तोड़ती रहेंगी? फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।









