सोशल संवाद/डेस्क : पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और चुनाव आयोग आमने-सामने आ गए हैं। सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के नेतृत्व में TMC का प्रतिनिधि मंडल बुधवार सुबह दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा।

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डेरेक ने कहा कि हमने SIR के मुद्दे पर समय मांगा था, लेकिन मीटिंग के दौरान हमारे साथ खराब व्यवहार किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने हमें सिर्फ 7 मिनट में भगा दिया। डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बैठक सुबह 10 बजे शुरू हुई और 10:07 बजे खत्म हो गई।
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, डेरेक ओ’ब्रायन ने CEC को बोलने से रोका और धमकी दी। वह कोई बात सुन ही नहीं रहे थे। उधर, विपक्षी दलों ने शाम 4.45 बजे इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। इसमें कांग्रेस, TMC, सपा, DMK, AAP, RJD, शिवसेना (UBT), CPI(M) और CPI के नेता शामिल होंगे।
चुनाव आयोग ने कहा- बंगाल में इस बार चुनाव भय रहित होंगे, टीएमसी के साथ बैठक खत्म होने के बाद चुनाव आयोग ने सुबह 10:20 बजे सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया- चुनाव आयोग की टीएमसी को दो टूक। बंगाल में इस बार चुनाव भय रहित और हिंसा रहित होंगे।
बंगाल में 91 लाख वोटरों के नाम हटे
पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 91 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। अक्टूबर 2025 में कुल वोटर 7.66 करोड़ थे। इनमें से अब तक 90.83 लाख नाम हटाए गए। लगभग 11.85% वोटर कम हो गए। यानी अब राज्य में 6.76 करोड़ वोटर हैं।
चुनाव आयोग अब फाइनल आंकड़े जारी नहीं किए हैं। इसके अलावा जांच के तहत आए 60.06 लाख वोटरों में से 27.16 लाख के नाम हटाए गए। बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में भी बड़े स्तर पर नाम हटे। नॉर्थ 24 परगना में 5.91 लाख में से 3.25 लाख नाम हटे। वहीं, 8.28 लाख में से 2.39 लाख नाम हटे।









