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विदेश नौकरी के नाम पर Cyber ​​Slavery Racket का खुलासा, दूसरा मुख्य एजेंट मुंबई से गिरफ्तार

By Aditi Pandey

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Cyber slavery racket busted in the name of foreign jobs

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सोशल संवाद/डेस्क: विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों को Cyber Crime में धकेलने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का एक और बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में दूसरे मुख्य एजेंट दाउद अहमद को मुंबई के डोंगरी इलाके से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मूल रूप से बिहार के पटना का रहने वाला है। गिरफ्तारी झारखंड सीआईडी के साइबर अपराध थाने की पुलिस ने मुंबई पुलिस के सहयोग से की, जहां से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासपोर्ट सहित कई अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

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इस मामले में इससे पहले 18 फरवरी को जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र से सरताज आलम को गिरफ्तार किया गया था। उस पर तीन युवकों को थाईलैंड के बैंकॉक स्थित साइबर स्कैम सेंटर भेजने और उनसे ऑनलाइन ठगी कराने का आरोप है।

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को बैंकॉक, कंबोडिया, लाओस और म्यांमार में डेटा एंट्री जैसी आकर्षक नौकरियों का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। विदेश पहुंचने के बाद युवकों को जबरन साइबर ठगी जैसे निवेश घोटाले, फर्जी ऐप और डिजिटल फ्रॉड में लगाया जाता था। इतना ही नहीं, उनके पासपोर्ट जब्त कर उन्हें स्कैम सेंटर में बंधक बनाकर काम कराया जाता था।

इस पूरे मामले में कई राज्यों और देशों से जुड़े नेटवर्क की जांच जारी है। अब तक झारखंड के 15 युवकों को ऐसे गिरोहों से मुक्त कराया जा चुका है, जिनमें जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और हजारीबाग के युवक शामिल हैं। झारखंड पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि विदेश में नौकरी के नाम पर किसी भी अनधिकृत एजेंट के झांसे में न आएं और किसी भी साइबर ठगी की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक पोर्टल पर दें।

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