Responsive Full Width Slider
Advertisement 1
Advertisement 2

दिल्ली सरकार का लक्ष्य दलित बस्तियों सहित समाज के हर वर्ग तक विकास की योजनाओं को पहुँचाना है: रविन्द्र इन्द्राज सिंह

By Riya Kumari

Published :

Follow
दिल्ली सरकार का लक्ष्य दलित बस्तियों
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / नई दिल्ली : डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित ‘भीम ज्योति दीपोत्सव’ कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री द्वारा ‘भीम ज्योति’ प्रज्वलित कर पांच दिवसीय उत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया और बाबा साहेब के संघर्षों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं भारी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

यह भी पढे : कांग्रेस कार्य समिति द्वारा पारित प्रस्ताव

Sunrise Enclave
ASL Motors and Dilip Kia

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान एक विशेष ‘वॉकाथॉन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका उद्देश्य समाज में समानता और जागरूकता का संचार करना है। इसके उपरांत उन्होंने मेला स्थल का भ्रमण कर 50 से अधिक विभिन्न स्टॉल्स का निरीक्षण किया और वहां प्रदर्शित सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली।

इस अवसर पर बाबा साहेब के सम्मान में ‘जय भीम’ अंकित 6,000 से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे पूरे परिसर में श्रद्धा और समरसता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

संविधान केवल दस्तावेज नहीं, अधिकारों की गारंटी है: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक न्याय का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब द्वारा रचित संविधान मात्र एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह देश के अंतिम पायदान पर खड़े नागरिक के अधिकारों और सम्मान की गारंटी है। उन्होंने आह्वान किया कि एक समतामूलक समाज के निर्माण के लिए हमें उनके विचारों को अपने आचरण में उतारना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “भीम ज्योति उत्सव-2026” केवल एक सरकारी आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक जन-आंदोलन है। इसके तहत आयोजित होने वाली प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, कार्यशालाएं और कला प्रदर्शनियां विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सरकार सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और यह उत्सव उसी संकल्प की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले जाने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने आगे कहा कि यह पहल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है, जिनका स्पष्ट उद्देश्य बाबा साहेब के विचारों और उनके व्यक्तित्व को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान की दिल्ली सरकार द्वारा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में वंचित वर्गों के उत्थान के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि ‘लखपति बिटिया योजना’, छात्राओं को साइकिल वितरण तथा शिक्षा के क्षेत्र में सहायता जैसे प्रयासों के माध्यम से बेटियों और युवाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य दलित बस्तियों सहित समाज के हर वर्ग तक विकास की योजनाओं को पहुँचाना है, ताकि बाबा साहेब के सपनों का समतामूलक समाज साकार हो सके।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जीवंत हुआ बाबा साहेब का जीवन दर्शन

राजधानी में 10 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक चलने वाले ‘भीम ज्योति उत्सव-2026’ के लिए कर्तव्य पथ क्षेत्र में विकसित ‘भीम ज्योति उत्सव परिसर’ इस पांच दिवसीय आयोजन का केंद्र बिंदु है। इस परिसर में बाबा साहेब के जीवन दर्शन और संविधान निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान को समर्पित ‘299 महान व्यक्तित्वों की विशेष गैलरी’ स्थापित की गई है। इस प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए इन प्रमुख व्यक्तियों के योगदान को जीवंत किया गया है।

साथ ही इस गैलरी में बाबा साहेब के जन्म से लेकर उनके जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण चरणों को विस्तारपूर्वक प्रदर्शित किया गया था। उनके एक बैरिस्टर के रूप में योगदान, ‘भारत रत्न’ से सम्मानित होने तक की यात्रा, समता और सामाजिक न्याय के लिए उनके प्रयास, ‘मूकनमूकनायक’ और ‘बहिष्कृत हितकारिणी’ जैसे संगठनों की भूमिका तथा साइमन कमीशन से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

संविधान मेला:

इस मेले में डिजिटल वॉल के माध्यम से संविधान की इंटरैक्टिव टाइमलाइन, विभिन्न सरकारी योजनाओं (छात्रवृत्ति, पेंशन, कौशल विकास) की जानकारी और विभागीय प्रदर्शनियाँ आयोजित की गई हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विचारों का प्रसार

कला और संस्कृति को बाबा साहेब के विचारों के प्रसार का माध्यम बनाते हुए, पूरे उत्सव के दौरान विविध कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। उत्सव के शुभारंभ पर मेहुल एवं समूह की म्यूजिकल बैंड प्रस्तुति और रंगोली आर्ट्स के लोक संगीत ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से सक्षम बच्चों द्वारा प्रस्तुत ‘व्हीलचेयर डांस’ ने समाज में अदम्य साहस का संदेश दिया।

साथ ही 12 से 14 अप्रैल तक इंडिया गेट लॉन्स में कव्वाली, नाट्य मंचन और अम्बेडकरवादी लोकगीतों का आयोजन निरंतर रहेगा। भीम ज्योति दीपोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों को विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया।

एक व्यापक जन-आंदोलन की परिकल्पना

इस आयोजन को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे एक ‘जन-आंदोलन’ का स्वरूप दिया गया है। उत्सव के दौरान आयोजित होने वाली कार्यशालाएँ, इंटरैक्टिव सत्र, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ और कला प्रदर्शनियाँ विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Social Samvad Creator