सोशल संवाद / रांची : देश में पहली बार डिजिटल जनगणना हो रही है। झारखंड में इसके लिए गुरुवार से एन्यूमेरेटर (गणनाकर्मी) और सुपरवाइजर (पर्यवेक्षक) का रजिस्ट्रेशन शुरू हो रहा है। पहले चरण में 1 मई से 15 मई तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) होगी। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) का काम चलेगा।

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राज्य के जनगणना निदेशक प्रभात कुमार के मुताबिक, इस बार डेटा कलेक्शन को ज्यादा पारदर्शी और तेज बनाने पर जोर है। पहले चरण में मकानों की गणना और सूचीकरण किया जाएगा। यह काम पूरे राज्य में 30 दिन तक चलेगा। इस दौरान गणनाकर्मी घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे।
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी। गणनाकर्मी टैबलेट या मोबाइल से सीधे डेटा अपलोड करेंगे। इससे कागजी काम कम होगा और नतीजे जल्दी मिलेंगे। सभी परिवारों के सदस्यों का विवरण भी दर्ज किया जाएगा। इसके लिए राज्य स्तर पर व्यापक तैयारी की जा रही है। पहली बार लोगों को सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा दी गई है।









