सोशल संवाद / डेस्क : जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया। उन्होंने जानकारी दिया कि जिले में 1 मई से स्वगणना शुरू होने वाली है। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से सारी तैयारियां कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना डिजिटल तरीके से भी होगी। जनगणना का काम दो चरणों में होगा। 1 मई से स्वगणना का कार्य शुरू हो जाएगा, जबकि 16 मई से लेकर 24 जून हाउस लिस्टिंग और जनगणना की जाएगी।

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उपायुक्त ने बताया कि जनगणना के लिए 33 बिंदु निर्धारित किए गए हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी यह जानकारियां उपलब्ध रहेगी और लोग खुद से भी अपने परिवार की गणना का काम कर सकते हैं। सीएमएमएस पोर्टल और ऐप पर भी सारी जानकारी उपलब्ध रहेगी। उपायुक्त ने बताया कि जनगणना को लेकर सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होंने जिले के लोगों से सही जानकारी देने और सहयोग की अपील की। जनगणना के लिए जिला योजना पदाधिकारी को नोडल बनाया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में प्रतिमाह 8 एवं 24 तारीख को रक्तदान शिविर का आयोजन कर 500 यूनिट से अधिक रक्त संग्रह करने का लक्ष्य रखा गया है। ताकि जिला को रक्त युक्त जिला बनाया जा सके। उन्होंने रक्तदान करने वाले रक्तविरो को धन्यवाद दिया। जिला की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए अगले वर्ष की परीक्षा में राज्य पर टॉप 5 स्थान पर लाना प्राथमिकता है।
जिसके लिए जिले में प्रोजेक्ट उड़ान, टेस्ट सीरीज, बोलेगा चाईबासा, आज क्या सीखेंगे, जन्म उत्सव, सहित कई वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाएंगे। साथी ही साथ सभी स्कूलों में बुकलेट की भी व्यवस्था की जा रही है। वहीं, पीएम जैसे स्कूलों में इंग्लिश टीचर की भी व्यवस्था की जा रही है। जिले के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए घंटी आधारित एवं अन्य तरीके से शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
उन्होंने जिले में आयोजित होने वाला 10 को सखी दिवस, 24 को सखी संवाद, 8 एवं 24 को रक्तदान शिविर, 19 को पंचयती दिवस, 28 को गृह प्रवेश दिवस, 20 को तिथी भोजन, 22 को बाल भोज का आयोजन किया जाएगा।
बिजली की समस्या एवं सुदृढ़ रखने के लिए निगरानी टीम का गठन किया गया है। क्षेत्र में गर्मी को बढ़ाते हुए एवं आगजनी की समस्या से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग के साथ बैठक की गई। अग्निशमन विभाग को निर्देश दिया गया है, कि वैसे अग्निशमन यंत्र जो उपयोग में नहीं है उन्हें 15 दिनों के अंदर ठीक कर लें। सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके का उपयोग कर मृत्यु दर एवं सड़क दुर्घटना को काम किया जाएगा।









