सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड मंत्रालय में आईआईएम कोलकाता की टीम ने ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के समक्ष उद्यमिता से जुड़ी महिलाओं पर एक प्रेजेंटेशन दिया। ये प्रेजेंटेशन राज्य के उद्यमी महिलाओं को नवाचार के साथ व्यापार, बाजार व आय में बढ़ोतरी के साथ सफलता पर केंद्रित रहा। बिहार, असम और पश्चिम बंगाल में भी इस तरह के प्रयास किए गए हैं और परिणाम भी ठीक आए हैं। आइए जानते हैं सरकार का प्लान क्या है।

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लखपति दीदी को करोड़पति दीदी बनाने का है लक्ष्य
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि लखपति दीदी कैसे करोड़पति दीदी की श्रेणी में खड़ी हो, ये विभाग का लक्ष्य है। इसी सोच के साथ नवाचार को अपनाते हुए, उद्यमिता की बारीकियों का प्रशिक्षण महिलाओं के लिए बदलते दौर की मांग है। विभाग के सहयोग से राज्य की महिलाएं उद्यमिता के क्षेत्र में बहुत कुछ कर रही हैं, पर उन्हें नई तकनीक और बाजार में आवश्यकता के अनुरूप अपने उद्यम को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
IIM कोलकाता से MOU
जेएसएलपीएस ने पिछले दिनों आईआईएम कोलकाता के साथ एमओयू कर राज्य की महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में सफलता की बारीकियों का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से कदम बढ़ाया है। इस एमओयू के तहत त्रिवर्षीय योजना तैयार कर राज्य के सभी 24 जिलों के 264 प्रखंडों में उद्यमिता से जुड़ी महिलाओं को विशेष तौर से प्रशिक्षित करने की योजना है। इस योजना के तहत राज्यभर के करीब 50 हजार महिलाओं का आंकड़ा तैयार करने के बाद सुयोग्य महिला उद्यमियों को इनक्यूबेशन तकनीक से प्रशिक्षित किया जाएगा। महिला उद्यमियों को दिया जाने वाला ये प्रशिक्षण हिंदी, इंग्लिश के साथ वीडियो फॉर्मेट में भी होगा। महिलाएं इस प्रशिक्षण के दौरान सवालों का जवाब ऑडियो मैसेज के जरिए भी आसानी से दे पाएंगी।









