सोशल संवाद/डेस्क : भीषण गर्मी और बढ़ती पेयजल समस्या के बीच पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल चाईबासा ने जिलेभर में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत के लिए विशेष अभियान चलाया। सोमवार, 25 मई 2026 को चलाए गए इस अभियान के तहत विभिन्न प्रखंडों में कुल 32 चापाकलों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा चालू किया गया।

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विभागीय अधिकारियों के अनुसार RM योजना के तहत 20 चापाकलों और RRP योजना के तहत 12 चापाकलों की विशेष मरम्मत की गई। गर्मी के मौसम में पेयजल संकट को देखते हुए यह अभियान युद्ध स्तर पर चलाया गया, जिससे हजारों ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सदर (चाईबासा) प्रखंड के तमाड़बांध पंचायत स्थित सिकुरसाई गांव में दो चापाकलों की मरम्मत की गई। वहीं निमडीह पंचायत के गुटूसाई गांव में भी खराब पड़े चापाकल को दुरुस्त कर चालू किया गया।तांतनगर प्रखंड के गितिलादेर गांव में तीन चापाकलों को ठीक किया गया। मझगांव प्रखंड के कांका गांव और जगन्नाथपुर प्रखंड के कासिरा गांव में भी खराब चापाकलों को मरम्मत के बाद पुनः चालू कर दिया गया। इसी तरह नोवामुंडी, झींकपानी, टोंटो, हाटगम्हरिया, मंझारी और कुमारडुंगी प्रखंड के कई गांवों में मरम्मत अभियान चलाकर ग्रामीणों को पेयजल सुविधा बहाल की गई।
नोवामुंडी प्रखंड के जामजुई गांव में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र के पास स्थित चापाकलों की विशेष मरम्मत (RRP) की गई। वहीं पेटेता पंचायत के राईका और बड़ा राईका गांव में भी विशेष अभियान चलाकर खराब चापाकलों को दोबारा चालू किया गया। भीषण गर्मी के दौरान खराब चापाकलों के कारण कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया था। विभाग की त्वरित कार्रवाई के बाद अब ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मिलने लगा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पेयजल विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समय पर मरम्मत होने से पानी की समस्या काफी हद तक दूर हुई है।










