सोशल संवाद / डेस्क : सरायकेला-खरसावां जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के प्रभावी संचालन और लाभुकों तक समय पर योजना का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का आयोजन जिला समाज कल्याण शाखा, निदेशालय और आईपीई ग्लोबल के संयुक्त सहयोग से किया गया।

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अधिकारियों और कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर, जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं, मास्टर प्रशिक्षक एवं संबंधित कर्मी शामिल हुए। आईपीई ग्लोबल सीकेडी की ओर से प्रशिक्षण एवं जनजागरूकता विशेषज्ञ मृत्युंजय नायक ने भी भाग लिया। जिला स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक श्रीमती अलका इंदवार और शुभम महापात्र ने विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन किया।
योजना संचालन की दी गई विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान लाभुक पंजीकरण, पोर्टल संचालन, आवेदन प्रक्रिया, लाभ स्वीकृति, भुगतान प्रणाली, आधार सीडिंग, एनपीसीआई मैपिंग और फेस ऑथेंटिकेशन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच के 30 दिनों के भीतर उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें समय पर योजना का लाभ मिल सके।
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
बैठक में पोर्टल प्रविष्टियों में शत-प्रतिशत शुद्धता सुनिश्चित करने और लंबित मामलों के जल्द निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि तकनीकी त्रुटि या दस्तावेजों की कमी के कारण कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित न रहे।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता
उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी संचालन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
प्रखंड स्तर पर भी होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। जानकारी दी गई कि जिला स्तरीय प्रशिक्षण के बाद प्रखंड स्तर पर भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आंगनवाड़ी सेविकाओं और क्षेत्रीय कर्मियों को योजना संचालन की पूरी जानकारी मिल सके।










