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ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर उठे सवाल, भ्रष्ट अधिकारियों-बिल्डरों पर कार्रवाई की मांग : डॉ. परितोष सिंह

By Riya Kumari

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ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर उठे सवाल, भ्रष्ट अधिकारियों-बिल्डरों पर कार्रवाई की मांग : डॉ. परितोष सिंह

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सोशल संवाद / जमशेदपुर : जमशेदपुर और इसके आसपास के ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बिल्डरों और जिला परिषद के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे अवैध निर्माण, बिना नक्शे के हो रहे कार्यों और नक्शा विचलन (Deviation) के गंभीर मामले पर जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त की है।

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 उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट द्वारा जमशेदपुर शहरी क्षेत्र (JNAC) के 5000 अवैध भवनों को लेकर बिल्डरों पर की गई सख्त टिप्पणी और सीधे कार्रवाई के निर्देश का स्वागत किया है। डॉ. परितोष सिंह ने चेतावनी दी है कि शहर की तरह ही ग्रामीण इलाकों में भी बिल्डर लॉबी सक्रिय है, जो भविष्य में एक बड़े संकट को आमंत्रण दे रही है।

अधिकारियों और बिल्डरों के गठजोड़ पर कड़ा प्रहार

प्रेस को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह ने कहा, “झारखंड हाईकोर्ट का फैसला आंखें खोलने वाला है। लेकिन यह समस्या सिर्फ जेएनएसी (JNAC) क्षेत्र तक सीमित नहीं है। जमशेदपुर के ग्रामीण और जिला परिषद के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में भी बिल्डरों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से बहुमंजिला इमारतें और व्यावसायिक परिसर खड़े किए जा रहे हैं। जिला परिषद के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की शह पर न सिर्फ गलत नक्शे पास किए जा रहे हैं, बल्कि बिना कंप्लीशन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के ही फ्लैट्स और दुकानें बेची जा रही हैं।”

भविष्य में जनता को भुगतना पड़ेगा बड़ा नुकसान

डॉ. परितोष ने आम जनता और निवेशकों को सचेत करते हुए कहा कि बिना जांच-परख और बिना वैध प्रमाणपत्रों के इन इमारतों में निवेश करना बेहद जोखिम भरा है। आने वाले दिनों में जब इन अवैध निर्माणों पर कानूनी शिकंजा कसेगा, तो गाज सीधे उन मासूम खरीदारों पर गिरेगी जिन्होंने अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई इन फ्लैटों में लगा दी है। इसके अलावा, बिना टाउन प्लानिंग के हो रहे इन निर्माणों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जलजमाव, ड्रेनेज सिस्टम का ठप होना और बुनियादी सुविधाओं का संकट तेजी से पैर पसार रहा है।

जिला परिषद की आगामी बैठक में उठेगा मुद्दा, जांच की मांग

डॉ. परितोष सिंह ने स्पष्ट किया है कि वे इस गंभीर विषय को जिला परिषद की आगामी सामान्य बैठक में पूरे जोर-शोर से उठाएंगे। उन्होंने मांग की है कि:

  1. पिछले कुछ वर्षों में जिला परिषद क्षेत्र के अंतर्गत जितने भी अपार्टमेंट और व्यावसायिक निर्माण हुए हैं, उनके पासिंग नक्शे और वास्तविक निर्माण की औचक जांच (Surprise Inspection) कराई जाए।
  2. जिन अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर फाइलों को पास किया है, उन्हें चिन्हित कर उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
  3. सुप्रीम कोर्ट के दिसंबर 2024 के आदेशानुसार, बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट के किसी भी परिसर में फ्लैटों की बिक्री या पजेशन देने पर तुरंत रोक लगाई जाए।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ग्रामीण जनता के हक और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर प्रशासन ने इस दिशा में जल्द ही कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाया, तो वे जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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