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IndusInd Bank Credit Card Users को झटका! बढ़े चार्ज, बदले ब्याज नियम और फ्यूल ट्रांजैक्शन पर लगेगी अतिरिक्त फीस

By Riya Kumari

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IndusInd Bank Credit Card Users को झटका! बढ़े चार्ज, बदले ब्याज नियम और फ्यूल ट्रांजैक्शन पर लगेगी अतिरिक्त फीस

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सोशल संवाद / डेस्क : IndusInd Bank Credit Card Update: यदि आप इंडसइंड बैंक का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। बैंक ने अपने कई क्रेडिट कार्ड्स से जुड़े शुल्क, ब्याज गणना नियम और कुछ विशेष ट्रांजैक्शन कैटेगरी पर लगने वाले चार्ज में बदलाव की घोषणा की है। नई दरें 15 जून 2026 से लागू हो चुकी हैं।

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बैंक के अनुसार नए नियमों का असर मुख्य रूप से फ्यूल ट्रांजैक्शन, ट्रांसपोर्ट भुगतान, डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) और क्रेडिट कार्ड बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज की गणना पर पड़ेगा।

फ्यूल ट्रांजैक्शन पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क

इंडसइंड बैंक ने कई क्रेडिट कार्ड वेरिएंट्स पर फ्यूल खर्च की एक निर्धारित सीमा पार होने के बाद 1% शुल्क और उस पर लागू GST वसूलने का फैसला किया है। कुछ कार्डों पर यह शुल्क ₹30,000 से अधिक के मासिक फ्यूल खर्च पर लागू होगा, जबकि प्रीमियम कार्ड्स के लिए यह सीमा ₹50,000 तय की गई है।

हालांकि बैंक ने कुछ चुनिंदा प्रीमियम कार्ड्स को इस शुल्क से छूट भी दी है।

विदेश में कार्ड इस्तेमाल करना पड़ेगा महंगा

बैंक ने डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) शुल्क में भी बदलाव किया है। अब कुछ कार्डधारकों को विदेशी लेनदेन के दौरान 1% से 2% तक अतिरिक्त शुल्क और उस पर GST का भुगतान करना पड़ सकता है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा या विदेशी वेबसाइटों पर खरीदारी के लिए क्रेडिट कार्ड का अधिक उपयोग करते हैं।

ट्रांसपोर्ट ट्रांजैक्शन पर भी नया चार्ज

नई व्यवस्था के तहत कुछ विशेष ट्रांसपोर्ट कैटेगरी के भुगतान पर भी अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। निर्धारित सीमा से अधिक खर्च होने पर 1% शुल्क और GST लागू होगा। यह बदलाव उन ग्राहकों को प्रभावित कर सकता है जो नियमित रूप से बड़े परिवहन भुगतान क्रेडिट कार्ड के जरिए करते हैं।

बदले ब्याज गणना के नियम

सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक क्रेडिट कार्ड बकाया पर ब्याज की गणना से जुड़ा है। यदि कोई ग्राहक केवल आंशिक भुगतान (Partial Payment) करता है, तो बकाया राशि पूरी तरह चुकाने तक ब्याज जारी रह सकता है। इसके अलावा ब्याज-मुक्त अवधि (Interest-Free Period) बहाल होने के लिए अगले बिल का समय पर और पूरा भुगतान करना आवश्यक होगा।

ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का मानना है कि क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं को अपने खर्च के पैटर्न की समीक्षा करनी चाहिए। विशेष रूप से फ्यूल, अंतरराष्ट्रीय भुगतान और बड़े ट्रांसपोर्ट खर्च करने वाले ग्राहकों को नए शुल्क ढांचे को समझकर ही कार्ड का उपयोग करना चाहिए। वहीं, हर महीने पूरा बिल चुकाने वाले ग्राहकों पर इन बदलावों का असर अपेक्षाकृत कम पड़ सकता है।

क्या होगा असर?

नए शुल्क लागू होने के बाद हाई-स्पेंडिंग ग्राहकों की लागत बढ़ सकती है। ऐसे में कार्डधारकों के लिए बैंक द्वारा जारी संशोधित नियमों और शुल्क संरचना को ध्यान से पढ़ना जरूरी हो गया है, ताकि उन्हें बिल आने पर किसी तरह का अप्रत्याशित झटका न लगे।

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