सोशल संवाद / डेस्क : अफगानिस्तान में तालिबान शासन ने एक बार फिर ऐसा फैसला लिया है, जिसने आम लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के कुछ इलाकों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। बताया जा रहा है कि कई लोगों ने कार्रवाई के डर से अपने मोबाइल फोन तक नष्ट कर दिए हैं।

स्मार्टफोन को लेकर तालिबान का कड़ा रुख
रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान का मानना है कि स्मार्टफोन और इंटरनेट के जरिए ऐसी सामग्री तक पहुंच आसान हो जाती है, जिसे वह सामाजिक और धार्मिक मूल्यों के खिलाफ मानता है। इसी वजह से कुछ क्षेत्रों में स्मार्टफोन के उपयोग और ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती पाबंदियों के कारण कई नागरिक अब साधारण फीचर फोन का इस्तेमाल करने लगे हैं। वहीं कुछ लोगों ने संभावित कार्रवाई के डर से अपने स्मार्टफोन छोड़ दिए हैं।
युवाओं और छात्रों पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्मार्टफोन और इंटरनेट उपयोग पर व्यापक प्रतिबंध लागू होते हैं, तो इसका सबसे ज्यादा असर छात्रों, युवाओं और ऑनलाइन माध्यम से काम करने वाले लोगों पर पड़ सकता है। आज के दौर में शिक्षा, रोजगार, बैंकिंग और संचार का बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भर है।
पहले भी लगाए जा चुके हैं कई प्रतिबंध
तालिबान सरकार पहले भी महिलाओं की शिक्षा, सोशल मीडिया उपयोग, मनोरंजन गतिविधियों और मीडिया संस्थानों पर कई तरह की पाबंदियां लगा चुकी है। मानवाधिकार संगठनों ने इन फैसलों को लेकर चिंता जताई है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर पड़ने की बात कही है।
डिजिटल दुनिया से कटने का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफोन केवल संचार का साधन नहीं बल्कि शिक्षा, व्यवसाय और सूचना तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में डिजिटल उपकरणों पर अत्यधिक प्रतिबंध देश के सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठ रहे सवाल
अफगानिस्तान में डिजिटल स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार नजर बनाए हुए है। स्मार्टफोन और इंटरनेट उपयोग पर बढ़ती सख्ती को लेकर कई वैश्विक संगठनों ने चिंता व्यक्त की है। हालांकि तालिबान प्रशासन की ओर से इस विषय पर कोई व्यापक आधिकारिक नीति सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर स्मार्टफोन उपयोग को लेकर सख्ती की गई है, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। आने वाले दिनों में तालिबान सरकार इस संबंध में कोई औपचारिक दिशा-निर्देश जारी करती है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।










