सोशल संवाद / झारखंड : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद पुलिसकर्मियों और जवानों के बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रांची के टेंडरग्राम स्थित झारखंड जगुआर कैंप में स्थापित होने वाले ‘दिशोम गुरू शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय’ की योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 22 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

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मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने प्रस्ताव को योजना प्राधिकृत समिति के पास भेज दिया है। समिति की स्वीकृति के बाद इसे कैबिनेट के समक्ष अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
पहली से 12वीं तक होगी पढ़ाई
यह आवासीय विद्यालय समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। विद्यालय में कक्षा 1 से 12वीं तक की शिक्षा उपलब्ध होगी। हालांकि, कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधा नहीं होगी, जबकि कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए पूर्ण आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
छह एकड़ भूमि पर बनेगा स्टेट ऑफ आर्ट कैंपस
यह विद्यालय लगभग छह एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस “स्टेट ऑफ आर्ट” संस्थान के रूप में तैयार किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित एवं आधुनिक वातावरण मिलेगा। विद्यालय परिसर में छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग तीन मंजिला छात्रावास बनाए जाएंगे। इसके अलावा शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आवास
- शिक्षकों के लिए 2BHK के 8 आवास
- कर्मचारियों के लिए 1BHK के 12 आवास
- प्राचार्य के लिए अलग आवास
कौशल आधारित शिक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
विद्यालय में केवल पारंपरिक शिक्षा ही नहीं बल्कि विद्यार्थियों के कौशल विकास पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए परिसर में आधुनिक स्किल लैब स्थापित की जाएगी, जिससे छात्र रोजगारपरक और तकनीकी कौशल भी हासिल कर सकें।
विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
विद्यालय में निम्नलिखित अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:
- छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग कैंटीन
- मल्टीपर्पस हॉल
- खेल मैदान (प्ले ग्राउंड)
- आधुनिक लाइब्रेरी
- स्मार्ट क्लासरूम
- आईसीटी लैब
- साइंस एवं मैथ्स लैब
- सिक रूम
- एक्टिविटी रूम
- स्टाफ रूम
- कॉमन रूम
शहीद जवानों के परिवारों के लिए बड़ी पहल
बताया जा रहा है कि देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में ही शहीद जवानों और पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए विशेष आवासीय विद्यालय संचालित किए जाते हैं। ऐसे में झारखंड सरकार की यह पहल शहीद परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विद्यालय के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया था और विभागीय अधिकारियों को जल्द विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया था।










