सोशल संवाद / रांची : झारखंड में बिजली आपूर्ति को लेकर बड़ी राहत की खबर है। पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) ने पतरातू सुपर थर्मल पावर परियोजना की दूसरी यूनिट (800 मेगावाट) के वाणिज्यिक संचालन (कॉमर्शियल ऑपरेशन) की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

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कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार सहगल ने जेबीवीएनएल और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को पत्र भेजकर सूचित किया है कि यूनिट-2 का कमर्शियल ऑपरेशन 24-25 जून 2026 की मध्यरात्रि 12 बजे से प्रभावी होगा। इस घोषणा के साथ ही झारखंड को जल्द 680 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य सरकार और जेबीवीएनएल लंबे समय से इस यूनिट से बिजली आपूर्ति शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। हाल ही में ऊर्जा सचिव के. श्रीनिवासन के निर्देश पर जेबीवीएनएल के महाप्रबंधक संजय सिंह ने पीवीयूएनएल को पत्र लिखकर बढ़ती मांग को देखते हुए जल्द बिजली उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया था।
राज्य को अब 1360 मेगावाट बिजली मिलेगी :
पतरातू परियोजना की पहली यूनिट से राज्य को पहले से 680 मेगावाट बिजली मिल रही है। अब दूसरी यूनिट के शुरू होने से राज्य के हिस्से में कुल 1360 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी, जिससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) कमांड एरिया में इस अतिरिक्त बिजली का लाभ मिलने की उम्मीद है।
धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, रामगढ़ और चतरा में हाल के दिनों में बढ़ी बिजली की मांग के कारण लोडशेडिंग और कटौती की समस्या सामने आ रही थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी हाल ही में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर डीवीसी क्षेत्र में अतिरिक्त 200 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की मांग की थी।










