---Advertisement---
Banner 1
Banner 2

विवाह पंजीकरण के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल उजागर, जिला रजिस्ट्री कार्यालय में अवैध वसूली के गंभीर आरोप

By Tamishree Mukherjee

Published :

Follow
Corruption racket in marriage registration exposed

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / चाईबासा: चाईबासा, पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में विवाह पंजीकरण (Marriage Registration) के नाम पर कथित रूप से चल रहे भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और आम जनता के शोषण के खिलाफ एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष रामहरि ने उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विवाह पंजीकरण जैसी महत्वपूर्ण सरकारी सेवा को कुछ कर्मचारियों और बिचौलियों के गठजोड़ द्वारा कमाई का जरिया बना दिया गया है।

यह भी पढ़े : Jharkhand SIR 2026: BJP ने निर्वाचन आयोग से की शिकायत, BLO के बैग और डुप्लीकेट वोटर ID पर उठाए सवाल

सरकारी नियमों के अनुसार निर्धारित शुल्क से अलग आम नागरिकों से ₹500 से ₹1000 तक की अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। विशेष रूप से ग्रामीण, गरीब, मजदूर और दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले लोग इस अवैध व्यवस्था के सबसे बड़े शिकार बन रहे हैं।

रामहरि ने कहा कि विवाह पंजीकरण प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है, लेकिन जिला रजिस्ट्री कार्यालय में यह अधिकार पैसे और प्रभाव के आधार पर उपलब्ध कराया जा रहा है। शिकायत के अनुसार यदि कोई नागरिक अवैध राशि देने से मना कर देता है तो उसकी फाइल को जानबूझकर रोक दिया जाता है, अनावश्यक आपत्तियां लगाई जाती हैं तथा बार-बार कार्यालय का चक्कर लगवाकर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।

उन्होंने कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि गरीब और आम जनता के अधिकारों का खुला हनन है। एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी कार्यालयों में बिचौलियों और भ्रष्ट तत्वों की समानांतर व्यवस्था चल रही है, जो जनता का विश्वास तोड़ रही है।

शासन की छवि पर पड़ रहा नकारात्मक प्रभाव

रामहरि ने कहा कि जब एक सामान्य नागरिक अपने विवाह जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज के लिए भी रिश्वत देने को मजबूर हो जाए, तब यह प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। इससे न केवल लोगों का सरकार पर भरोसा कमजोर होता है, बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने कहा कि यदि विवाह पंजीकरण जैसी साधारण प्रक्रिया में भी अवैध वसूली हो रही है तो यह पूरे तंत्र के लिए चिंताजनक विषय है। ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने से भ्रष्टाचारियों के हौसले और बुलंद होते हैं।

जांच कर दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई

रामहरि ने उपायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा अवैध वसूली में शामिल कर्मचारियों, बिचौलियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।

साथ ही विवाह पंजीकरण से संबंधित सभी सरकारी शुल्कों को कार्यालय परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने, प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और ऑनलाइन बनाने तथा शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई है।

जनता से भी की अपील

रामहरि गोप ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी सरकारी कार्यालय में उनसे निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त राशि की मांग की जाती है तो वे उसका विरोध करें तथा संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दें। भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की जागरूकता और भागीदारी ही स्वच्छ प्रशासन की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार केवल सरकारी खजाने को नहीं लूटता, बल्कि गरीबों के अधिकार, सम्मान और न्याय को भी छीन लेता है। यदि आज इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाई गई तो आने वाली पीढ़ियां भी इसी शोषण का सामना करेंगी।”

प्रशासन से आग्रह

रामहरि ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को जनहित से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए तत्काल संज्ञान लिया जाए और जांच की प्रगति को सार्वजनिक किया जाए, ताकि आम जनता का प्रशासन पर विश्वास कायम रह सके और भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक सख्त संदेश जा सके।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट