सोशल संवाद/डेस्क : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि कथित रूप से भ्रामक और झूठी पोस्ट को 10 मिनट के भीतर नहीं हटाया गया, तो उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि जिस तरह सत्ता पक्ष के सांसदों को संसदीय विशेषाधिकार प्राप्त हैं, उसी प्रकार विपक्ष के सांसदों को भी समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक मर्यादा, संसदीय परंपराओं और भगवान राम की गरिमा का सम्मान करते हुए भाजपा सांसद को पोस्ट हटाने के लिए 10 मिनट का समय दिया जा रहा है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने इस कथित भ्रामक पोस्ट को साझा किया है, वे भी इसे तुरंत हटाकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। अन्यथा उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और ऐसे मामलों में कानून अपना काम करेगा।
यह विवाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की उस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सामने आया, जिसमें अयोध्या चढ़ावा मामले के आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव को लेकर कुछ दावे किए गए थे। अखिलेश यादव ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताते हुए उन्हें तुरंत हटाने की मांग की है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दोनों दलों के बीच सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और अब यह मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंचने की संभावना भी जता रहा है।










