सोशल संवाद / रांची : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण वाले दस्तावेज को परमानेंट डॉक्यूमेंट के रूप में संरक्षित रखा जाएगा। इसके लिए सभी जिलों में इसे डिजिटाइज करते हुए फिजिकल डॉक्यूमेंट को संधारित करने की व्यवस्था रखें। मतदाता एन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय वर्तमान के अपनी सभी जानकारियों को सही-सही भरें।

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वर्तमान के अन्य दस्तावेज में अगर कोई त्रुटि है तो उसे केवल मिलान करने के लिए त्रुटि वाली जानकारी न भरें। वे मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ, उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ एसआईआर कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैपिंग वाले कॉलम में जानकारियों को भरते समय उसे विगत की एसआईआर सूची में जो जानकारी दी गई है उसे ठीक वैसा ही भरें। एन्यूमरेशन फॉर्म के तीसरेभाग में सामान्य व्यक्तिगत जानकारी भरनी है। इसे भरते समय वर्तमान के अन्य दस्तावेज में यदि कोई त्रुटि है तो उसे केवल मिलान करने के लिए वोटर आईडी में त्रुटि वाली जानकारी न भरें।
के. रवि कुमार न कहा कि फॉर्म के चौथे भाग में घोषणा और हस्ताक्षर करना है। फॉर्म के इस अंतिम हिस्से में तीन महत्वपूर्ण कानूनी घोषणाएं हैं। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को सभी जिलों में बीएलओ व बीएलए-2 की बैठक करते हुए चुनाव पाठशाला का आयोजन किया जाएगा।










