सोशल संवाद / जमशेदपुर : कोल्हान के सारंडा और दलमा के जंगलों में सक्रिय नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान की तर्ज पर यहां भी सैटेलाइट इमेजिंग, ड्रोन, यूएवी और एआई आधारित विश्लेषण का उपयोग किया जाएगा।

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सुरक्षा एजेंसियों का लक्ष्य एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा समेत 33 इनामी नक्सलियों की गतिविधियों का पता लगा उनके खिलाफ अभियान चलाना है। जानकारी के अनुसार, जून में सारंडा और दलमा के जंगलों में कोबरा बटालियन की तैनाती के बाद अब संयुक्त अभियान को और प्रभावी बनाने की तैयारी है। उपग्रह इमेजरी के माध्यम से जंगलों में नए ठिकानों, संदिग्ध निर्माण, आवाजाही के रास्तों और अस्थायी शिविरों की पहचान की जाएगी।
ड्रोन और यूएवी से वास्तविक समय में निगरानी कर सुरक्षा बलों को मौके की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कि कार्रवाई को अधिक से अधिक सटीक बनाया जा सके। एआई के तहत विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर नक्सलियों की संभावित गतिविधियों, मूवमेंट और संपर्क नेटवर्क का आकलन किया जाएगा।










