सोशल संवाद / जमशेदपुर : तेजी से बदलते रोजगार परिदृश्य में हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी, मेडिकल इमेजिंग, फॉरेंसिक्स, हॉस्पिटैलिटी और ग्लोबल टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अरका जैन यूनिवर्सिटी, झारखंड ने अपने इंडस्ट्री पार्टनर इमवर्सिटी के सहयोग से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तीन नए इंडस्ट्री- ड्रिवेन प्रोग्राम्स शुरू किए हैं। इनमें बी.एससी (ऑनर्स.) इन मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी, बी.एससी. इन फॉरेंसिक्स तथा एआईसीटीई एप्रूव्ड बीबीए इन हॉस्पिटलिटी एंड ग्लोबल टूरिज्म (ऑनर्स / ऑनर्स विद रिसर्च) शामिल हैं।

इन प्रोग्राम्स की शुरुआत अरका जैन यूनिवर्सिटी और इमवर्सिटी के बीच लगातार मजबूत होती अकादमिक-इंडस्ट्री पार्टनरशिप का नया अध्याय है। यह एसोसिएशन वर्ष 2024 में बी.एससी. (ऑनर्स) इन एनेस्थेसिया एंड ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी (एओटीटी) तथा बी.एससी. (ऑनर्स) इन मेडिकल लेबोरेटरी साइंस के साथ शुरू हुआ था। इन प्रोग्राम्स के सफल संचालन के बाद वर्ष 2025 में बी.एससी. (ऑनर्स) इन कार्डियोवासक्युलर टेक्नोलॉजी (सीवीटी) शुरू किया गया। अब 2026 में तीन नए प्रोग्राम्स का जुड़ना इस पार्टनरशिप के लगातार बढ़ते दायरे और प्रभाव को दर्शाता है। 2024 में दो प्रोग्राम्स, 2025 में एक नए स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम्स और 2026 में तीन नए प्रोग्राम्स का विस्तार इस बात को पुनः स्थापित करता है कि यह अकादमिक- इंडस्ट्री एसोसिएशन हर गुजरते वर्ष के साथ नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
इमवर्सिटी के इंडस्ट्री ड्रिवेन लर्निंग मॉडल का लाभ
इमवर्सिटी एक इंडस्ट्री – फोकस्ड हायर एजुकेशन और एम्प्लोएबिलिटी प्लेटफार्म है, जो विशेष रूप से तेजी से विकसित हो रहे करियर डोमेंस में विद्यार्थियों को एकेडमिक एजुकेशन के साथ प्रैक्टिकल स्किल्स, वर्कप्लेस एक्सपोजर और करियर रेडीनेस से जोड़ने पर केंद्रित है। इसका लर्निंग मॉडल इंडस्ट्री एलाइंड करिकुलम, सिमुलेशन बेस्ड ट्रेनिंग, एक्सपर्ट लीड सेशंस, प्रैक्टिकल लर्निंग और स्ट्रक्चर्ड इंडस्ट्री एक्सपोजर पर जोर देता है। अरका जैन यूनिवर्सिटी के साथ इसकी साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिग्री एजुकेशन के साथ वास्तविक प्रोफेशनल इकोसिस्टम की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।

इस कोलाबोरशन की प्रमुख विशेषता यह है कि सभी इमवर्सिटी प्रोग्राम्स में अंतिम वर्ष पेड इंटर्नशिप का अवसर मिलता है, ताकि विद्यार्थी डिग्री पूरी करने से पहले वास्तविक वर्कप्लेस एनवायरनमेंट में प्रोफेशनल एक्सपीरियंस अर्जित कर सकें। साथ ही, किसी भी इमवर्सिटी प्रोग्राम में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को प्रोग्राम के शुरुआत में लैपटॉप और स्टडी किट प्रदान की जाती है, जिससे टेक्नोलॉजी – इनेबल्ड लर्निंग, डिजिटल रिसोर्सेंज, असाइनमेंट्स और प्रोजेक्ट वर्क को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी : आधुनिक डायग्नोस्टिक इमेजिंग में करियर

चार वर्षीय बी.एससी. (ऑनर्स) इन मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी प्रोग्राम आधुनिक हेल्थकेयर इकोसिस्टम में तेजी से बढ़ती डायग्नोस्टिक इमेजिंग रिक्वायरमेंट को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें विद्यार्थियों को एक्स-रे इमेजिंग, कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी), मैग्नेटिक रिसोनेंस इमेजिंग (एमआरआई), अल्ट्रासोनोग्राफी, मम्मोग्राफी और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी जैसे क्षेत्रों की समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
प्रोग्राम में एआर/वीआर सिमुलेशन – बेस्ड ट्रेनिंग, एम्प्लायर- को – डिज़ाइन्ड लर्निंग मॉडयूल्स, प्रैक्टिकल एक्सपोजर और इंडस्ट्री – रिलेवेंट स्किल डेवलपमेंट पर जोर रहेगा। एडवांस्ड स्टेजस में विद्यार्थी सीटी एंड एमआरआई एप्लीकेशन्स, पीएसीएस, टेलीरेडियोलॉजी, रेडियोलॉजी इनफार्मेटिक्स और संबंधित प्रोफेशनल प्रैक्टिसेज से जुड़ेंगे, जबकि अंतिम वर्ष की पेड इंटर्नशिप उन्हें वास्तविक हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक एनवायरमेंट में कार्य अनुभव प्रदान करेगी।
बी.एससी. इन फॉरेन्सिक्स : क्राइम सीन से साइबर इन्वेस्टीगेशन तक
विज्ञान और तकनीक आधारित जांच के बढ़ते महत्व को देखते हुए शुरू किया गया बी.एससी. इन फॉरेन्सिक्स प्रोग्राम एप्लाइड साइंस, साइंटिफिक इन्वेस्टीगेशन, फॉरेनसिक लेबोरेटरी स्टडीज और क्रिमिनल जस्टिस इकोसिस्टम से जुड़ा है। इसमें विद्यार्थियों को क्राइम सीन इन्वेस्टीगेशन, फॉरेनसिक बायोलॉजी, फॉरेनसिक केमिस्ट्री, टॉक्सिकोलॉजी, फिंगरप्रिंट एनालिसिस, डीएनए प्रोफाइलिंग, डिजिटल फॉरेन्सिक्स, साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन और फॉरेनसिक साइकोलॉजी जैसे क्षेत्रों का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।
इमवर्सिटी पॉवर्ड लर्निंग मॉडल के अंतर्गत क्राइम सीन सिमुलेशन, डिजिटल फॉरेन्सिक्स टूल्स, एडवांस्ड सिमुलेशन लैब्स, इंडस्ट्री को- डिजाइंड मॉडयूल्स, गेस्ट लेक्चर्स और मास्टर क्लासेज जैसे लर्निंग इंटरवेंशन्स प्रोग्राम को अधिक प्रैक्टिकल बनाएंगे। अंतिम वर्ष की पेड इंटर्नशिप विद्यार्थियों को संबंधित प्रोफेशनल इकोसिस्टम से जोड़ते हुए वर्कप्लेस एक्सपोजर प्रदान करेगी। प्रोग्राम के बाद फॉरेनसिक लैबोरेटरी, क्राइम सीन इन्वेस्टीगेशन, फिंगरप्रिंट एनालिसिस, डिजिटल फॉरेन्सिक्स, साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन और संबंधित क्षेत्रों में करियर की संभावनाएं उपलब्ध हो सकती हैं।
मैनेजमेंट स्टडीज में नया विस्तार : बीबीए हॉस्पिटेलिटी एंड ग्लोबल टूरिज्म
इस पार्टनरशिप का एक महत्वपूर्ण नया आयाम मैनेजमेंट Studies के क्षेत्र में प्रवेश है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू एआईसीटीई एप्रूव्ड बीबीए इन हॉस्पिटेलिटी एंड ग्लोबल टूरिज्म (ऑनर्स / ऑनर्स विद रिसर्च) प्रोग्राम तेजी से बढ़ते हॉस्पिटेलिटी, टूरिज्म, ट्रेवल, इवेंट्स और ग्लोबल सर्विस इंडस्ट्रीज के लिए प्रोफेशनल्स तैयार करने पर केंद्रित है।
प्रोग्राम में कोर बिज़नेस मैनेजमेंट के साथ हॉस्पिटेलिटी, इवेंट्स, टूरिज्म मैनेजमेंट, गेस्ट एक्सपीरियंस, फ़ूड एंड बेवरेज सर्विसेज, फ्रंट ऑफिस ऑपरेशन्स, इवेंट प्लानिंग, हॉस्पिटेलिटी मार्केटिंग, रेवेन्यू मैनेजमेंट और डेस्टिनेशन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
एम्प्लायर डिज़ाइंड लर्निंग मॉडयूल्स, स्किल बेस्ड सर्टिफिकेशन्स, एक्सपीरिएंशनल लर्निंग , इंडस्ट्री इम्युर्शन और अंतिम वर्ष की पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम के प्रमुख आकर्षण हैं।
यह प्रोग्राम एनईपी 2020 के अनुरूप फ्लेक्सीबल एकेडमिक पाथवे प्रदान करता है, जिसमें विद्यार्थी निर्धारित एकेडमिक रेक्विरेमेंट्स के अनुसार तीन वर्ष के बाद सामान्य डिग्री के साथ ग्रेजुएट होने का विकल्प चुन सकते हैं, जबकि चार वर्ष पूरे करने पर ऑनर्स अथवा ऑनर्स विद रिसर्च डिग्री की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
हर वर्ष नई ऊंचाई की ओर बढ़ती साझेदारी
अरका जैन यूनिवर्सिटी और इमवर्सिटी की यह यात्रा केवल प्रोग्रामस की संख्या बढ़ने की कहानी नहीं है। वर्ष 2024 में एओटीटी और मेडिकल लबोंरेटरी साइंस से शुरू हुआ एसोसिएशन , वर्ष 2025 में कार्डियोवासक्युलर टेक्नोलॉजी तक पहुंचा और अब 2026-27 में मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी, फॉरेन्सिक्स तथा हॉस्पिटेलिटी एंड ग्लोबल टूरिज्म के साथ तीन नए करियर डोमेन को जोड़ रहा है।
इस विस्तार के साथ पार्टनरशिप एलायड हेल्थकेयर से आगे बढ़कर एडवांस्ड मेडिकल इमेजिंग , एप्लाइड इन्वेस्टीगेशन और मैनेजमेंट स्टडीज तक पहुंच चुकी है। लैपटॉप और स्टडी किट से प्रोग्राम की शुरुआत, सिमुलेशन एवं इंडस्ट्री ड्रिवेन लर्निंग और अंतिम वर्ष में पेड इंटर्नशिप का मॉडल विद्यार्थियों को अकादमिक लर्निंग से वर्कप्लेस रेडीनेस तक एक इंटेग्राटेड जर्नी प्रदान करता है।










