झारखंड में कमजोर मानसून से धान रोपनी पर संकट, खेत सूखे तो किसानों की बढ़ी चिंता

By Riya Kumari

Published :

Follow
झारखंड में कमजोर मानसून से धान रोपनी पर संकट, खेत सूखे तो किसानों की बढ़ी चिंता

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / रांची: झारखंड में कमजोर मानसून और सामान्य से कम बारिश ने इस बार खरीफ खेती पर गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है। राज्य के कई जिलों में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से धान की रोपनी (धान प्रत्यारोपण) का काम प्रभावित हुआ है। समय पर बारिश नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है और कृषि विशेषज्ञ भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

यह भी पढे : TMH ने एडवांस न्यूरोवैस्कुलर केयर पर सीएमई का आयोजन किया

Sunrise Enclave
Hospital Advertisement

समय पर नहीं हो पा रही धान की रोपनी

धान की खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर होती है। लेकिन इस बार कई इलाकों में बारिश सामान्य से काफी कम दर्ज की गई है, जिससे खेतों में पर्याप्त पानी नहीं भर पाया। इसके कारण किसान धान की रोपनी शुरू नहीं कर सके हैं, जबकि कई स्थानों पर तैयार नर्सरी के सूखने का खतरा भी बढ़ गया है।

बारिश की कमी से बढ़ी किसानों की परेशानी

कृषि विभाग के अनुसार, बारिश में कमी का असर सिर्फ धान ही नहीं बल्कि अन्य खरीफ फसलों पर भी पड़ सकता है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा नहीं होती है तो उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग की निगाह अब जुलाई के दूसरे चरण की बारिश पर टिकी है, जो खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

कृषि विशेषज्ञों की किसानों को सलाह

विशेषज्ञों ने किसानों को कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों की खेती पर भी विचार करने की सलाह दी है। साथ ही जहां संभव हो, वहां सिंचाई के उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर धान की फसल को बचाने की कोशिश करने की बात कही गई है।

सरकार ने बनाई निगरानी की रणनीति

राज्य सरकार और कृषि विभाग लगातार मानसून की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर किसानों को राहत देने और खेती बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। वहीं किसान अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं ताकि धान की रोपनी समय रहते पूरी हो सके।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट